
सुनाम (बांसल): लोग कैमिकल व जहर (गैर-कुदरती ढंग से) रहित दूध प्राप्त करने के लिए गौशाला का शुद्ध दूध पीकर संतुष्ट होते हैं लेकिन शायद उन्हें पता नहीं है कि एक गऊशाला में भी गऊओं को आक्सीटोसिन वाला जहर प्रतिदिन दिया जा रहा है। अब इस मामले में डी.सी. संगरूर कुमार राहुल ने दुख व्यक्त किया है व कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
गऊओं की सेवा करने के लिए पहुंचे पार्षद बलजीत सिंह, बिजली बोर्ड से संबंधित जगदेव सिंह बाइया व अन्य लोगों ने मीडिया को दिखाया कि गऊओं से जल्द व ज्यादा दूध निकालने के लिए आक्सीटोसिन इंजैक्शनों की बाल्टी भरी हुई है और बाल्टी के साथ खड़े गऊशाला के कर्मचारी ने बताया कि वह हर रोज एक समय में गऊओं को इंजैक्शन लगाते हैं।
बेशक यह इंजैक्शन लगाना गलत है पर उन्हें तो प्रबंधकों ने इंजैक्शन लगाने को कहा हुआ है। इस मौके पर बलजीत सिंह व अन्यों ने रोष व्यक्त करते कहा कि गौशाला में भी दूध उत्पातन बढ़ाने के लिए गलत ढंग से आक्सीटोसिन के इंजैक्शन लगाए जा रहे हैं। जहां बाड़े में क्षमता से ज्यादा गऊओं को ठूंस-ठूंस कर भरा हुआ है।
जगदेव सिंह बाइया ने कहा कि इससे अच्छा तो गऊओं के लिए बाहर का जीवन अच्छा है। इस मामले पर एक वैटर्नरी अधिकारी ने कहा कि इस तरह के इंजैक्शनों से महिलाओं में बांझपन व मर्दों में नपुंसकता आती है। इस पूरे मामले को जब मीडिया ने जिला उपायुक्त संगरूर कुमार राहुल के समक्ष रखा तो उन्होंने तुरन्त कार्रवाई के लिए वैटर्नरी डिप्टी डायरैक्टर को भेज रहे हैं। उल्लेखनीय है कि आखिर यह इंजैक्शन किन दुकानों से आ रहे हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर चैकिंग के दावे करता रहता है।
