फर्जी टूरिस्ट गाइड पर कसेगा शिकंजा

सोलन। पर्यटन जिला सोलन में फर्जी टूरिस्ट गाइडों पर शिकंजा कसने जा रहा है। पांच दिवसीय विभागीय प्रशिक्षण के बाद विभाग टूरिस्ट गाइडों को पंजीकृत करेगा। वेबसाइट में जिला सोलन और सिरमौर सर्किट से जुड़े टूरिस्ट गाइडों की सूची डाली जाएगी। अन्य गाइड अवैध होंगे। शिकायत मिलने पर विभाग नियमानुसार कार्रवाई करते पुलिस में मामला सौंप सकता है। इसकी पुष्टि संयुक्त निदेशक एवं जिला पर्यटन विकास अधिकारी राजेश शर्मा ने की है।
पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के जिला कार्यालय सोलन में टूरिस्ट गाइड के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण को लेकर यह खुलासा उन्होंने किया है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में जिला के विभिन्न भागों से 25 युवक व युवतियां भाग ले रही हैं। हिमाचल कंसलटेंसी आर्गेनाईजेशन लिमिटेड (हिमकॉन) के माध्यम से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में पांच दिनों तक चलेगा। प्रदेश सरकार द्वारा सभी जिलों में 1000 पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के उद्देश्य से टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षित करने की घोषणा की गई है, जिसे पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इस अवसर पर पर्यटन विभाग से पुष्पा पुरी, गोपाल रघुवंशी तथा करतार सिंह तथा हिमकॉन के सहायक प्रबंधक सोहन लाल ठाकुर ने पहले दिन प्रशिक्षणार्थियों को टूरिस्ट गाइड बनने की विधाएं बताईं।

स्टोरी टू
पर्यटन स्थलों की मिलेगी जानकारी
इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों को अलग-अलग विषय विशेषज्ञों द्वारा टूरिस्ट गाइड की भूमिका, हिमाचली खान-पान, प्रदेश के दर्शनीय पर्यटन स्थलों की बारीकी से जानकारी तथा पर्यटन विकास के गुण आदि पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की जाएगी।

चायल-कसौली में भी मिलेगा प्रशिक्षण
पहले बैच में सोलन तथा नाहन में 50 युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसी तरह दो अन्य बैच क्रमश: 25 से 29 जुलाई तक राजगढ़ और चायल में तथा अंतिम बैच जो पहली अगस्त से शुरू होगा, के दौरान पांवटा साहिब तथा कसौली में सभी स्थानों पर 50-50 युवाओं को टूरिस्ट गाइड का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

22 को किया जाएगा समापन
सोलन मेें पहले बैच का समापन आगामी 22 जुलाई को प्रदेश राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर करेंगे। वह प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित करेंगे। प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत युवक-युवतियां स्वरोजगार प्राप्त करने के लिए सक्षम बन जाएंगे और क्षमता अनुसार पर्यटन के क्षेत्र में आजीविका कमा सकेंगे।

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