
भल्याणी (कुल्लू)। करोड़ों का सेब उत्पादन करने वाले लगघाटी के भूमतीर गांव को एक दशक बाद भी लोक निर्माण विभाग सड़क मार्ग से नहीं जोड़ पाया। दस वर्षों से चुनावी बेला में सड़क की खुदाई होती है। चुनाव होते ही खुदाई का कार्य ठप पड़ जाता है। महकमे की ऐसी कार्यप्रणाली से ग्रामीणों को जहां परेशानियां झेलनी पड़ती हैं वहीं, सेब उत्पादन मे जिला में अग्रणी इस गांव के बागवानों को अपना उत्पाद मंडियों तक पहुंचाने के लिए ही लाखों रुपये देने पड़ते हैं।
पीएमजीएसवाई योजना के तहत निर्माणाधीन दड़का-भूमतीर सड़क का निर्माण कार्य महीनों से बंद पड़ा है। चुनावी बेला पर हालांकि इस पर कार्य शुरू होता है। लोनिवि विभाग की इस सड़क निर्माण की सुस्त रफ्तार ग्रामीणों पर भारी पड़ गई है। इसके चलते ग्रामीणों में विभाग तथा सरकार के प्रति आक्रोश है। ग्रामीणों ने सड़क का काम तेज गति से आरंभ करने की मांग की है।
भूमतीर पंचायत की प्रधान कमला ठाकुर, भूमतीर निवासी राजाराम, फिगल चंद और प्रेम सिंह ने बताया कि विभाग का जब मन करता है तो सड़क की खुदाई का काम शुरू कर देता है। एक दो दिनों बाद ही खुदाई कार्य को बंद हो जाता है। लोक निर्माण विभाग की सड़क निर्माण की सुस्त रफ्तार यहां के बागवानों पर भारी पड़ रही है। फिगल चंद ने बताया कि उन्हें अपने सेब उत्पाद को प्रमुख सड़क तक पहुंचाने के लिए हर साल हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। ग्रामीणों ने विभाग से सड़क का निर्माण कार्य चालू करने की मांग की है।
काम छोड़कर चला गया है ठेकेदार
लोनिवि के कनिष्ठ अभियंता जीआर चौधरी ने बताया कि सड़क का कार्य करने वाला ठेकेदार कार्य छोड़कर चला गया। विभाग ने ठेकेदार पर 20 लाख का जुर्माना ठोंका है। विभाग अब रिटेंडरिंग करवाकर इस सड़क का कार्य पूरा करवाएगा।
