
चंडीगढ़: अपराध की घटनाएं बढ़ती ही जा रही है। तेजाब से घटित होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने तेजाब की बिक्री पर लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया है। इसके अतिरिक्त जो व्यक्ति तेजाब की खरीदारी कर रहा है उसे भी अपनी पहचान बतानी होगी कि वह तेजाब क्यों खरीद रहा है। बीते दिनों तेजाब से घटित होने वाली बहुत सी घटनाएं सामने आई है।
बठिंडा के गांव सेलवरी की रहने वाली अमनप्रीत पर उसी के जीजा ने तेजाब डाल दिया था वही हरियाणा में पिछले साल रोहतक में रितू सैनी पर तेजाब से हमला कर दिया था। अम्बाला में ज्योति नाम की लड़की पर एक युवक ने तेजाब फेंक दिया था। स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव नवराज संधू ने कहा कि तेजाब हमले रोकने के लिए प्रदेश में इसकी बिक्री को लेकर नीति तैयार की है।
खाप पंचायत के प्रवक्ता सुबे सिंह का कहना है कि तेजाब भंडारण की मात्रा निश्चित होनी चाहिए कि कितनी मात्रा में तेजाब को बेचा जाना है। इसके अतिरिक्त जहां पर तेजाब रखा है वहां पर निगरानी की व्यवस्था होनी चाहिए।
