
चंडीगढ़: ट्रांसपोर्ट, केबल नैटवर्क, शराब व रेत के व्यापार के बाद अब बादल परिवार ने एक योजनाबद्ध तरीके से हाऊसिंग डिवैल्पमैंट विभाग का दुरुपयोग करते हुए रियल इस्टेट कारोबार पर भी अपना कब्जा जमा लिया है। यह आरोप पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुखपाल सिंह खैहरा ने मंगलवार को एक प्रैस कांफ्रेंस में लगाया। उन्होंने स्थापित किए जाने वाले नए चंडीगढ़ के प्रोजैक्ट की सी.बी.आई. जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि हाऊसिंग व अर्बन डिवैल्पमैंट विभाग का प्रमुख होने का फायदा उठाते हुए उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने अधिकारों का दुरुपयोग करके नाजायज लाभ उठाने के लिए रियल इस्टेट के बड़े डिवैल्परों से हाथ मिला लिया है। रियल इस्टेट से संबंधित सभी नीतियां इन कुछ डिवैल्परों के मुनाफे तथा बादल परिवार के लाभ को मद्देनजर रखते हुए ही बनाई जा रही हैं। नए चंडीगढ़ के नाम पर मुल्लांपुर एरिया के विकास की योजना के बारे में कहा कि मास्टर प्लान बनाने का कार्य बादल परिवार के ही हाथों में है और उनके नजदीकियों द्वारा कम दाम पर इस क्षेत्र में खरीदी गई जमीनों के रेट बढ़ाकर बेचने के लिए ही यह प्रोजैक्ट बनाया गया है।
कोड़ियों के दाम खरीदी गई जमीनी सत्तापक्ष से संबंधित रसूखदार लोग अब इस प्रोजैक्ट में डेढ़-डेढ़ करोड़ प्रति एकड़ के हिसाब से बेच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ से सिसवां मार्ग के लिए 6 लाइन मार्ग भी कुछ चुनिंदा डिवैल्परों व अपने निजी लाभ को मुख्य रखते हुए ही बनाई जा रही है क्योंकि इस मार्ग से कुछ ही किलोमीटर दूरी पर पल्लनपुर गांव के साथ बादल परिवार का रिजोर्ट बनना है। खैहरा ने राज्य सरकार द्वारा अनाधिकृत कालोनियों को रैगुलर करने की नीति की भी निंदा की और कहा कि पहले सरकार के अधिकारियों ने ये कालोनियां बनने दीं और अब कालोनाइजरों पर लाखों रुपए की फीस थोपी जा रही है।
