
कुल्लू। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक को ग्रामीण विद्या उपासकों को कितना वेतन मिलता है का पता न होने पर संघ ने हैरानी जताई है। ग्रामीण विद्या उपासक संघ के प्रधान जय लाल चौहान तथा कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश ने कहा कि उन्हें स्कूलों में काम करते हुए तेरह साल तक हो गए हैं। उन्हें 3500 रुपये मानदेय मिल रहा है। लेकिन विभाग के आला अधिकारियों को वेतन का पता न होने के बयान से उन्हें हैरानी है। कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अगर कोई वर्ग सबसे शोषित है तो वह ग्रामीण विद्या उपासक है।
उन्होंने कहा कि विभाग का तर्क है कि इतना कम वेतन किसी को नहीं दिया जाता। ओम प्रकाश ने कहा कि मात्र 3500 रुपये में वह 50 से 100 किलोमीटर दूर तक अपनी सेवा एक दशक से अधिक समय से दे रहे हैं। प्रदेश में कई ऐसे स्कूल हैं जो मात्र एक विद्या उपासक से सहारे चल रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि उन्हें एक साथ प्रशिक्षण देकर नियमित किया जाए। अभी तक इस कम वेतनमान से कई विद्या उपासक नौकरी छोड़ चुके हैं। इतने कम वेतन से परिवार को पालना कठिन हो रहा है।
