फाइलों में दफन हुआ भूस्खलन प्रभावित गांवों का विस्थापन

घनसाली(टिहरी)। केदारनाथ में जल प्रलय के बाद भिलंगना ब्लाक के नौ गांवों के लोग चिंतित हैं। आपदा की दृष्टि से अतिसंवेदनशील इंद्रोला, मेढ़, पिनस्वाड़, कोटी, अगुंडा, जमोलना, मरवाडी, बडियारकुड और ठेला गांव के लोग वर्षों से भूस्खलन की मार झेल रहे है। इन गांवों में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए भू-वैज्ञानिक सर्वे के उपरांत विस्थापन की संस्तुति शासन से कर चुके है। मगर यह रिपोर्ट विभागों की अलमारियों में कैद होकर रह गई है। जिसके चलते 844 परिवारों के 4927 लोग खतरे के साएं में जीवन यापन करने के लिए मजबूर है।
क्षेत्र के इन नौ गांवों पर वर्ष 2000 से भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। भू-वैज्ञानिकों ने सर्व के आधार इन गांवों का शीघ्र विस्थापन करने का सुझाव दिया, लेकिन इन रिपोर्टों की फाइलें धूल फांक रही है।

इन गांवों में मडरा रहा भूस्खन का खतरा
गंाव का नाम परिवार जन संख्या
इंद्रोला 171 1039
मेढ़ 131 935
पिन्स्वाड 117 670
कोटी 99 608
अगुण्डा 96 448
जमोलना 84 373
मरवाडी 77 537
बडियारकुडा 46 280
ठेला 23 137

शासन ने जो आपदा प्रभावित गांवों की रिपोर्ट मांगी गई थी उसे तय समय पर भेज दिया गया था। कब और कहां भूस्खलन प्रभावित गांवों का विस्थापन होगा शासन के निर्देश पर इसका अमल किया जाएगा।
-जगदीश लाल एसडीएम घनसाली।

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