नियमितीकरण नीति में बदलाव पर तल्खी

स्वारघाट (बिलासपुर)। आल हिमाचल पीडब्ल्यूडी, आईपीएच एंड कंट्रेक्चुअल वर्कर्स यूनियन ने नियमितीकरण की नीति में बदलाव पर तल्खी जाहिर की है। स्वारघाट में बैठक आयोजित करते हुए यूनियन ने इस मसले पर आंदोलन का बिगुल बचाने का निर्णय लिया गया है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए शाखा प्रधान सरदार चन्नण सिंह ने कहा कि सरकार 2000 कर्मचारियों को सात साल की सेवा के बाद पक्का करने जा रही है। कर्मचारियों में सरकार के फैसले से खुशी तो है, लेकिन कर्मचारी अधिसूचना जारी होने के दिन से रेगुलर माने जाएंगे। इससे पिछले कई वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे इन कर्मचारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा। वरिष्ठता के साथ ही एरियर पर भी कैंची चलेगी। अधिकतर कर्मचारी इस सेवा से वंचित भी रह जाएंगे। यूनियन ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह अपने पुराने फैसले को बहाल करें। उनके अनुसार आठ साल का कार्यकाल के बाद रेगुलर करने का फैसला सर्वोच्च न्यायालय का है। इसे शीघ्र लागू किया जाए। यदि इस फैसले को लागू करने में सरकार आनाकानी करती है तो यूनियन विरोध स्वरूप आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए विवश हो जाएगी। उन्होंने आईपीएच विभाग में कार्यरत अंशकालीन वाटर गार्डों को दैनिक वेतन भोगी बनाने की भी मांग की है। बैठक में आईपीएच उपमंडल स्वारघाट कार्यालय में एक माह पहले हुई बैठक की प्रोसीडिंग आज दिन तक यूनियन को नहीं सौंपने पर चिंता जताई गई। पांच दिन में बैठक की प्रोसीडिंग नहीं दी गई तो यूनियन कार्यालय का घेराव करने को विवश हो जाएगी। बैठक में प्रदेश महासचिव जगतार सिंह बैंस, उपाध्यक्ष रूपलाल ठाकुर, सचिव नंदलाल, गगन सिंह, राम कुमार, भाग सिंह, गुरबख्श सिंह, सहित कई कर्मचारी नेताओं ने भाग लिया।

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