बताएं हर आरोपी की विशिष्ट भूमिका: कोर्ट

नई दिल्ली। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में आरोपियों की जमानत पर अभियोजन की लंबी खिंचती बहस के मद्देनजर कोर्ट ने प्रत्येक आरोपी की विशिष्ट भूमिका बताने के लिए कहा है। अदालत ने अभियोजन पक्ष से सोमवार को अपनी दलीलें पूरी करने के लिए कहा है। स्पॉट फिक्सिंग मामले में अजीत चंदीला, अश्विनी अग्रवाल, सुनील भाटिया, रमेश व्यास, बाबू राव, दीपक उर्फ दीपू समेत सात आरोपियों की जमानत याचिका जून के महीने से लंबित हैं। साकेत स्थित विशेष मकोका अदालत में विशेष लोक अभियोजन अधिकारी राजीव मोहन की बहस शुक्रवार को भी जारी रही है। बहस का ज्यादातर समय मकोका में कोर्ट में पुराने फैसलों का हवाला देने में बीता। इस पर बचाव पक्ष ने आपत्ति जताते हुए पुराने फैसले के हवाले के बजाय स्पॉट फिक्सिंग केस के तथ्यों पर फोकस करने की मांग की। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रेणु भटनागर के समक्ष बचाव पक्ष ने एक सुर में कहा कि अभियोजन पक्ष का सारा ध्यान केवल इस मामले को छोटा शकील व दाउद इब्राहिम से जोड़ने पर है। लेकिन अभी तक यह नहीं बताया कि आरोपी किस तरह दाउद या छोटा शकील से जुड़े हैं। आरोपियों की लंबे समय से किसी आपराधिक गतिविधि में लिप्तता रही है या नहीं। बचाव पक्ष ने कहा कि छोटा शकील व दाउद इब्राहिम 1993 मुंबई बम धमाकों के आरोपी हैं और बीस से देश से भगोड़े हैं। पुलिस आज तक इन्हें पकड़ पाई। केवल मकोका का रंग देने के लिए आईपीएल मामले में छोटा शकील, दाउद और डी कंपनी का नाम जोड़ा गया है। अदालत ने बचाव पक्ष की आपत्तियों के मद्देनजर अभियोजन पक्ष को प्रत्येक आरोपी की विशिष्ट भूमिका बताने और जांच के दौरान सामने आए नये तथ्यों को पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने अभियोजन पक्ष को अपनी बहस पूरी करने के लिए एक घंटे का समय दिया है। मामले की सुनवाई अब 15 जुलाई 2013 को होगी। दूसरी ओर आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू के आवेदन पर भी बहस हुई। जीतू ने पुलिस पर जबरन उसका बयान लेने का आरोप लगाया है। अधिवक्ता दीपक शर्मा ने कहा कि जिस दिन आरोपी के बयान की पुष्टि करवाई गई उसी दिन अदालत में इसके खिलाफ आवेदन दायर कर दिया गया था। इस तर्क से सहमति जताते हुए अभियोजन पक्ष ने जीतू के आवेदन को सुनवाई योग्य माना।

Related posts