
करसोग (मंडी)। क्षेत्र में विद्युत बोर्ड की लापरवाही से हादसे का खतरा बना हुआ है। क्षेत्र के कई स्थानों पर बिजली के खंभे टूट चुके हैं, लेकिन बोर्ड की ओर से नए पोल लगाने की जहमत नहीं उठाई जा रही है। हैरत की बात है कि सुरक्षा के पहलू को नजरअंदाज कर कई जगह हरे पेड़ाें को ही पोल बना दिया गया है। जहां से बिजली की तारें भी गुजार दी हैं। बोर्ड की यह बेपरवाही कभी भी किसी की जान ले सकती है। करसोग क्षेत्र की शैंदल पंचायत में विद्युत मंडल करसोग के तहत कई सालों से लगे लकड़ी के पोल सड़ चुके हैं। लोगों का कहना है कि इन्हें बदलकर नए पोल नहीं लगाए जा रहे हैं। कई जगह पोल बदलने का कार्य चला भी है, मगर अत्यंत धीमी गति से हो रहा है। पंचायत प्रधान नील कंठ, नरेश कुमार एवं राकेश कुमार का कहना है कि बिजली के कई पोल टूटे होने से तारें जमीन के नजदीक लटकी हुई हैं। कई जगह बिजली की तारें हरे पेड़ों में से गुजार दी गई हैं। झुंझरू गांव में कई माह से लकड़ी का पोल टूट चुका है। आधा बचा हुआ पोल हवा में ही लटका हुआ है। बोर्ड अधिकारियाें को इस बारे में कई बार अवगत करवाया गया परंतु आश्वासनाें के सिवाय कोई भी कार्य नहीं किया गया। बोर्ड के गौर न करने पर लोगों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। इस संदर्भ में बोर्ड के अधिशासी अभियंता वीएल वालिया का कहना है कि शीघ्र ही लोगाें की शिकायतों को दूर किया जाएगा। जहां विद्युत पोल नहीं हैं, वहां प्राथमिकता से पोल लगा दिए जाएंगे।
