अब इमारती लकड़ी को मिलेंगे सूखे पेड़

चंबा। लोगों को अब मकान बनाने के लिए वन अधिकार अधिनियम के तहत इमारती लकड़ी दी जाएगी। टीडी बहाल होने से विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को राहत मिलेगी। जानकारी के मुताबिक जंगलों में सूखे पेड़ों को काटकर लोग इमारती लकड़ी प्राप्त कर सकेंगे। यह खुलासा जिला योजना समिति की बैठक में वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से जल्द ही टीडी को बहाल कर दिया जाएगा, लेकिन टीडी नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पहले लोगों को टीडी के आधार पर हरे पेड़ मकान बनाने और रिपेयर के लिए दे दिए जाते थे। ये पेड़ वनाधिकार अधिनियम के तहत मिलते थे, लेकिन अब लोगों को के वल सूखे पेड़ दिए जाएंगे। इन सूखे पेड़ों को काटकर लोग मकान बनाने और मकान की रिपेयर के लिए इमारती लकड़ी प्राप्त कर सकेंगे। मंत्री ने कहा कि वनों की सुरक्षा के लिए कंटीली तारें लगाई जाएंगी। जहां पर पौधे रोपे जाएंगे उन वनों को पांच साल के लिए सील क र दिया जाएगा। उन जंगलों में किसी प्रकार का कटान और पशु चराने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जिला चंबा में सबसे ज्यादा घने जंगल हैं। इन जंगलों को बचाने के लिए वन विभाग प्रयासरत है। उल्लेखनीय है कि वन अधिकार अधिनियम के तहत पहले प्रत्येक पांच वर्ष के बाद मकान बनाने या रिपेयर के लिए सरकार की ओर से लोगों को इमारती लकड़ी दी जाती थी। इसके लिए हरे पेड़ दे दिए जाते थे। इसके बाद टीडी को बंद कर दिया गया। इसके बाद पूर्व भाजपा सरकार ने स्लीपर देने की योजना शुरू की। अब प्रदेश सरकार की ओर से लोगों को सूखे पेड़ प्रदान किए जाएंगे। इस संबंध में मुख्य अरण्यपाल एआरएम रेड्डी ने बताया कि बताया कि हाल ही में शिमला में हुई विभाग की बैठक में इस बारे में चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में लोगों को मकान बनाने के लिए सूखे पेड़ दिए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब लोग हरे पेड़ नहीं काट सकेंगे।

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