
सैंज (कुल्लू)। विधायक कर्ण सिंह ने पार्वती जलविद्युत परियोजना के तृतीय चरण का कार्य कर रही एनएचपीसी को निर्देश दिए हैं कि वह टनल को तुरंत खाली करवाए। इसके बाद जगह-जगह हो रहे पानी के रिसाव के कारणों की जांच करे।
शुक्रवार को सैंज घाटी के सपांगणी गांव के निकट पार्वती परियोजना तीन की टनल के आसपास हो रहे पानी के रिसाव का जायजा लेने के बाद विधायक ने एनएचपीसी के अधिकारियों को यह निर्देश दिए। पानी के रिसाव की जांच के लिए जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की एक उच्च स्तरीय टीम शीघ्र यहां का दौरा करेगी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी पानी के रिसाव की घटना को गंभीरता से लिया है।
विधायक ने बताया कि एनएचपीसी के बोर्ड ने पार्वती परियोजना-तृतीय से प्रभावित 18 लोगों को नौकरी के लिए मंजूरी दे दी है। शीघ्र ही इन्हें नियुक्ति पत्र जारी कर दिए जाएंगे। 12 अन्य लोगों को भी रोजगार मिलेगा। संपागणी के दौरे के बाद विधायक ने बिहाली स्थित पार्वती परियोजना-तृतीय के मुख्यालय मेें अधिकारियों के साथ बैठक भी की। लारजी में समस्याओं सुनीं। इस मौके पर एडीएम केके सरोच, एसडीएम अश्वनी कुमार, आरटीओ वीरेंद्र शर्मा, एनएचपीसी के जीएम एके त्रिखा, विभिन्न विभागों के अधिकारी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जयबिहारी लाल, थरवन पालसरा, तेजा सिंह, मोहर सिंह और टीसी महंत समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
पर्यटन की दृष्टि से विकसित होगा लारजी
लारजी (कुल्लू)। विधायक कर्ण सिंह ने कहा है कि लारजी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। वे लारजी में लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह परिसर का निरीक्षण करने के बाद बोल रहे थे। यहां बोटिंग और वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। तीर्थन और सैंज नदियों का संगम स्थल होने के कारण लारजी का धार्मिक महत्व भी है।
