
भीमताल। चमोली के भिकोना गांव में सात लोगों को दफन करने के ठीक एक दिन बाद प्रकृति के कोपभाजन से ओखलकांडा ब्लाक के ल्वाड़डोबा गांव में एक ही परिवार के छह लोग जमींदोज हो गए। मौत बनकर दरकी पहाड़ी का मलबा दोमंजिले मकान को तोड़ते हुए उसमें सोए दंपति और उनकी चार बेटियों की सांस छीन गया। हादसे की सूचना के बाद बृहस्पतिवार की सुबह जिलाधिकारी, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और दोपहर बाद सभी शव मलबे से निकाल लिए गए। गांव में ही शवों का पोस्टमार्टम किया। कुल सात सदस्यों के इस हंसते-खेलते परिवार में अब सिर्फ 13 साल का बालक बचा है। क्योंकि घटना के वक्त वह अपने घर में नहीं था।
धारी तहसील ल्वाड़डोबा गांव भीमताल से करीब 135 किलोमीटर दूर पड़ता है। गांव के किसान हयात राम का परिवार बुधवार रात को खाना खाने के बाद अपने दोमंजिले मकान में सो गया। करीब दो बजे रात मकान के पीछे की पहाड़ी से जबरदस्त भूस्खलन हुआ। बारिश की रफ्तार तेज होने के कारण मलबा हयात के मकान के फाड़ता हुआ आगे बढ़ गया। मलबे के ढेर में 32 वर्षीय हयात पुत्र बच्ची राम, उसकी पत्नी आनंदी देवी (28), चार में सबसे बड़ी बेटी नीलम (10), कविता (8), हिमानी (6) और निशा (डेढ़ साल) दफन हो गए।
सुबह होने तक इस घटना का आसपास के लोगों को आभास तक नहीं हुआ। क्योंकि धरती पर टकराती बारिश ने सारी आवाजें दबा रखी थी। लोग जागे तो हयात के मकान की बजाय क्विंटलों मलबे का ढेर देख दहल गए। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना जिला प्रशासन, पुलिस को दी और उसके बाद खुद मलबे में शवों की खोज शुरू की। दोपहर में जिलाधिकारी अरविंद सिंह ह्यांकी, सीओ बचन सिंह राणा, धारी तहसीलदार दामोदर पांडे समेत कई राजस्व उपनिरीक्षक मौके पर पहुंचे। तब तक सभी छह शव मलबे से निकाल लिए गए थे। भूस्खलन के बाद गांव के लोग भयभीत हैं। आसपास के परिवारों के लिए भी खतरा बढ़ रहा है। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खतरे से घिरे परिवारों की सुरक्षा का तत्काल इंतजाम किया जाए। हयात राम के परिवार में अब सिर्फ उसका 13 साल का बेटा विनोद आर्या बचा है। क्योंकि घटना की रात वह अपने ताऊ के घर पर सोने गया था।
