
पोर्ट आफ स्पेन: मैन आफ द मैच कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के 5 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 52 गेंदों पर बनाए गए अविजित 45 रन की बदौलत भारत ने आज यहां श्रीलंका को फाइनल में एक विकेट से हराकर त्रिकोणीय शृंखला पर कब्जा जमा लिया।
श्रीलंका को रविंद्र जडेजा की 4 विकेटों की मदद से 201 रन पर रोकने के बाद खेलने उतरी भारतीय टीम उस समय संकट में फंसती दिखाई दे रही थी जब उसने अपने 9 विकेट मात्र 182 रन पर गंवा दिए, लेकिन ईशांत शर्मा ने इसके बाद धोनी का भरपूर साथ दिया और धोनी ने अंतिम ओवर की पहली 4 गेंदों पर 15 रन लेकर टीम को रोमांचक जीत दिला दी। श्रीलंका के लिए रंगना हीराथ ने 10 ओवर में 20 रन देकर सर्वाधिक 4 विकेट लिए। इससे पहले लैफ्ट आर्म स्पिनर रविन्द्र जडेजा और आफ स्पिनर आर. अश्विन के घातक स्पिन जाल में फंसकर श्रीलंका ने भारत के खिलाफ त्रिकोणीय एकदिवसीय सीरीज के फाइनल मुकाबले में 48.5 ओवर में 201 रन पर घुटने टेक दिए।
श्रीलंका एक समय कुमार संगाकारा (71) और लाहिरू थिरिमाने (46) के बीच तीसरे विकेट के लिए 122 रन की सांझेदारी की बदौलत मजबूत स्कोर की तरफ बढ़ रहा था लेकिन अश्विन और जडेजा के कमाल के प्रदर्शन से फिर श्रीलंकाई बल्लेबाज चारों खाने चित्त हो गए। श्रीलंका 2 विकेट पर 171 रन की मजबूत स्थिति के बाद बुरी तरह लडखड़़ा गया और उसने आखिरी 8 विकेट मात्र 30 रन जोड़कर गंवा दिए। टूर्नामैंट में सबसे सफल गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने एक बार फिर अपनी टीम को जल्दी 2 सफलताएं दिलाईं।
भुवनेश्वर ने उपुल थरंगा (11) और अपना 400वां वनडे खेल रहे महेला जयवद्र्धने (22) को 49 रन तक पैवेलियन भेज दिया। कुमार संगाकारा (71) और लाहिरू थिरिमाने (46) ने तीसरे विकेट के लिए 122 रन की सांझेदारी कर श्रीलंका को बड़े स्कोर की तरफ अग्रसर कर दिया लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए मात्र 12 रन के अंतराल में श्रीलंका के 4 विकेट झटक लिए। ईशांत शर्मा ने थिरिमाने को निपटाया जबकि आफ स्पिनर आर. अश्विन ने संगाकारा और कुशाल परेरा (2) को एक ही ओवर में पैवेलियन का रास्ता दिखा दिया।
संगाकारा ने 100 गेंदों पर 71 रन की अपनी पारी में 6 चौके और एक छक्का लगाया। लैफ्ट आर्म स्पिनर रविन्द्र जडेजा ने दिनेश चांदीमल (5) का विकेट झटक लिया।
