छात्रा से दुष्कर्म में सात साल की कैद

नई दिल्ली। 9वीं की छात्रा से दुष्कर्म के दोषी पड़ोसी युवक को अदालत ने सात साल की कैद सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। इस राशि में से 10 हजार रुपये पीड़ित छात्रा को बतौर मुआवजा दिया जाना है। कड़कड़डूमा स्थित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने प्रशांत (20 वर्ष) को दुष्कर्म के अलावा पीड़ित को शादी के लिए अगवा करने और चोट पहुंचाने की धाराओं में भी दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश टीआर नवल की अदालत ने फैसले में कहा कि इस मामले में कानून के तहत अगर अतिरिक्त मुआवजे का प्रावधान है तो पीड़ित छात्रा उसकी भी अधिकारी होगी।
मामले के अनुसार, पीड़ित छात्रा 9 मई 2011 की देर रात छत पर बने शौचालय में गई थी। वहां प्रशांत पहले से मौजूद था। उसने छात्रा के गले पर चाकू लगाकर जान से मारने की धमकी दी और उसे अपने साथ नीचे ले गया। उसने छात्रा को कार में बैठाया और लेकर चला गया। रास्ते में उसने छात्रा को चाय पिलाई, जिससे वह बेहोश हो गई। होश में आने पर उसने खुद को एक कमरे में पाया। प्रशांत ने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे उसने अस्वीकार कर दिया। शादी से इंकार करने से नाराज प्रशांत उसकी पिटाई करने के साथ ही उससे दुष्कर्म करता रहा। उसने छात्रा को पांच दिन तक बंधक बना कर रखा। इसके बाद पकड़े जाने के डर से वह 14 मई को उसे खजूरीखास थाने के पास छोड़कर फरार हो गया।

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