अब बर्बाद करने लगी बारिश की फुहारें

कुल्लू। लगातार हो रही बारिश अब किसानों और बागवानों के लिए आफत बन गई है। कुल्लू घाटी में इन दिनों नाशपाती, पलम तुड़ान और मक्की निराई का कार्य जोरों पर चला हुआ है। बारिश से पेड़ों से सेब गिरना भी शुरू हो चुके हैं। इससे बागवानों की चिंता और बढ़ गई है। खराहल घाटी के प्रगतिशील किसान-बागवान अनीश भंडारी, नवीन, केहर सिंह, योगराज, बविंद्र सिंह, गिरधारी लाल, सतीश ठाकुर, यशपाल राणा, अखिल, महेंद्र, जोगिंद्र और निशु महंत ने कहा कि कृषि तथा बागवानी कार्य जोरों पर है। कहा कि मौसम एकदम करवट बदल रहा है। इससे बागवानी और कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बारिश से नाशपाती धड़ाधड़ जमीन पर गिर रही है। इसके अलावा पेड़ों से भी सेब गिरना शुरू हो चुके हैं।
मणिकर्ण घाटी के किसान ओम प्रकाश और कर्मचंद ने कहा कि खेतों में नमी जरूरत से ज्यादा होने से मक्की का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। बागवानी अनुसंधान केंद्र सेऊबाग के प्रभारी डा. डीआर खजूरिया ने बागवानों को सलाह दी है कि वे पौधों के तौलिये को साफ रखें। सेब में एंटराकोल नामक फंफूदनाशक 600 ग्राम 200 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। पौधों में माइट की रोकथाम के लिए 50 मिलीलीटर मजिस्टर दवाई प्रति 200 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करने की सलाह दी है। खजूरिया ने कहा कि 14 जुलाई तक बारिश होने की संभावना है।

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