
ऊना। मनरेगा स्कीम के तहत सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में राशि हस्तांतरण सुनिश्चित करने के लिए डीसी अभिषेक जैन ने बुधवार को जिले के सभी खंड विकास अधिकारियों, ग्राम रोजगार सेवकों व कंप्यूटर आपरेटरों से बैठक की। उन्होंने कहा कि जिले के जितने भी मनरेगा जॉब कार्डधारक हैं, उनकी पेेमेंट उनके बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित होगी और बैंक खाते चूंकि आधार के साथ जोड़े गए हैं, इसलिए सभी जॉब कार्ड धारकों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने आधार नंबर संबंधित पंचायतों या ग्राम सेवक के पास जमा करवाएं। उन्होंने कहा कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि जिस व्यक्ति ने मनरेगा के तहत काम किया है, पैसा भी उसके ही खाते में हस्तांतरित हुआ है। इससे धन की हेराफेरी की कथित शिकायतों पर भी रोक लगेगी। डीसी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नया मस्टरोल बनाते समय जॉब कार्डधारक का आधार नंबर अवश्य लें। उन्होंने सभी ग्राम सेवकों को डोर टू डोर जाकर मनरेगा जॉब कार्ड धारकों का आधार नंबर जुटाने के निर्देश भी दिए। डीसी ने बताया कि जिले में अभी तक 15 हजार मनरेगा जॉब कार्ड धारकों के आधार नंबर तो पंचयतों में फीड कर दिए गए हैं, लेकिन करीब 30 हजार जॉब कार्डधारकों के आधार नंबर अभी भी बचते हैं। उन्होंने कहा कि जिनके आधार नंबर नहीं हैं और अगर उन्होंने एनरोलमेंट करवा रखी है तो वे अपना एनरोल नंबर भी दे सकते हैं। डीसी ने इन शिकायतों का भी कड़ा संज्ञान लिया है कि आधार कार्ड की प्रति देने के लिए अधिकृत कुछ लोकमित्र केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित राशि से अधिक शुल्क वसूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ब्लैक एंड व्हाइट प्रिंट के पांच रुपये और रंगीन प्रिंट के 10 रुपये निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई लोकमित्र केंद्र निर्धारित शुल्क से अधिक पैसे वसूलता है तो उसकी शिकायत डीसी कार्यालय के अलावा जिला विज्ञान एवं सूचना अधिकारी कार्यालय में दूरभाष नंबर 01975-223175 पर की जा सकती है।
