स्थानीय मंडियों के भी तय हों रेट

दलाश (कुल्लू)। क्षेत्र में सेब सीजन शुरू होते ही स्थानीय बागवान गाड़ी वालों के हाथों लुटना शुरू हो जाते हैं। प्रशासन की ओर से सेब पेटियों को स्थानीय मंडियों तक पहुंचाने के लिए रेट सुनिश्चित न किए जाने के कारण बागवानों को हर वर्ष हजारों का चूना लगता है। प्रशासन द्वारा मात्र बड़ी मंडियों के रेट सुनिश्चित किए जाते हैं, लेकिन छोटी मंडियों के रेट तय न किए जाने के कारण गाड़ी मालिक बागवानों से मनचाहे रेट वसूलते हैं। दलाश से खेगसू मंडी की दूरी मात्र 25 किमी है। पिछले वर्ष गाड़ी वालों ने 25 किलोमीटर के दो हजार से ढाई हजार रुपये तक वसूले थे। वहीं दलाश से नारकंडा की दूरी लगभग 60 किलोमीटर है। यहां का किराया चार से पांच हजार रुपये तक लिया था। छोटी मंडियों के रेट सुनिश्चित न होने के कारण स्थानीय बागवान हर वर्ष लुटते रहे हैं। स्थानीय निवासी दुनी चंद, पोपेंद्र शर्मा, विनोद कुमार, विद्याचंद, शेर सिंह, ध्यान वर्मा, तेजराम, गंगा राम, दिलीप और नीरज शर्मा ने प्रशासन से मांग की है कि छोटी मंडियों तक सेब ढुलाई के रेट तय किए जाएं। स्थानीय लोगों ने गत दिनों टूर्नामेंट के समापन समारोह में आए विधायक खूबराम को ज्ञापन सौंपा है और उनसे मांग की है कि वह इस विषय पर उचित कदम उठाएं। एसडीएम नीरज गुप्ता ने बताया कि छोटी मंडियों के रेट तय नहीं किए जाते हैं। बागवान और गाड़ी वाले स्वयं रेट निर्धारित करें। बावजूद इसके अगर कोई भारी भरकम रेट लेता है तो शिकायत पर प्रशासन कार्रवाई करेगा।

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