
चंडीगढ़: मैट्रो रेल प्रोजैक्ट के लिए गठित होने वाले स्पैशल पर्पज व्हीकल पर मैमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग साइन नहीं हो पाया है। शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों की दूसरी बैठक बेनतीजा रही। बैठक में मैट्रो के इक्विटी स्ट्रक्चर को लेकर पंजाब व हरियाणा कोई सहमति नहीं बना पाए। यह अलग बात है कि दोनों राज्यों के अधिकारियों ने जल्द ही एम.ओ.यू. साइन करने पर सहमति जताई।
पंजाब व हरियाणा के अधिकारियों ने कहा कि मैमोरैंडम ऑफ अंडरस्स्टैंडिंग की टर्म एंड कंडीशन को स्टडी करने की जरूरत है ताकि इक्विटी स्ट्रक्चर का निर्णय लिया जा सके। दरअसल, पंजाब व हरियाणा सरकार द्वारा मैट्रो प्रोजैक्ट में किए जाने वाले निवेश व इससे होने वाली आय को लेकर स्टडी कर रहे हैं।
वैसे तो पिछली बैठक में पंजाब व हरियाणा ने स्पैशल पर्पज व्हीकल के नाम पर तो सहमति जता दी थी लेकिन इक्विटी स्ट्रक्चर पर निर्णय बाद में लेने को कहा था। अब दूसरी बैठक में भी इस पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। पिछली बैठक में स्पैशल पर्पज व्हीकल (एस.पी.वी.) को चंडीगढ़ ट्राईसिटी मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन का नाम दिया गया था।
एम.ओ.यू. पर सहमति के बाद चंडीगढ़ प्रशासन इस मसौदे को मिनिस्ट्री ऑफ अर्बन डिवैल्पमैंट के पास भेजेगा, ताकि इसपर मंजूरी मिल सके। चंडीगढ़ ट्राईसिटी मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन का पूरा स्ट्रक्चर दिल्ली मैट्रो रेल कार्पोरेशन (डी.एम.आर.सी.) की तरह ही तैयार किया जाएगा।
एडवाइजर ने की बैठक की अध्यक्षता
इसके लिए मिनिस्ट्री ऑफ अर्बन डिवैल्पमैंट (एम.ओ.यू.डी.) के स्तर पर हुई बैठक में निर्णय लिया गया था। बैठक में यह भी कहा गया था कि कार्पोरेशन में केवल स्थाई अधिकारियों को ही नियुक्त किया जाए। एम.ओ.यू.डी. के निर्देशानुसार कोई भी ऐसा अधिकारी कार्पोरेशन में शामिल न किया जाए जो इस प्रोजैक्ट को बीच में छोड़कर चले जांए।
अगर डैपुटेशन में हरियाणा या पंजाब से भी कोई अधिकारी आता है तो उसके कार्यकाल को देखते हुए ही उन्हें इस प्रोजैक्ट के साथ जोड़ा जाए। शुक्रवार को हुई बैठक की अध्यक्षता चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार के.के. शर्मा ने की।
