
आनी (कुल्लू)। उपमंडल के तहत खडोरन गांव में दूषित पानी पीने से दर्जनों बच्चों सहित अन्य ग्रामीण जलजनित रोग की चपेट में आ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पानी के टैंक से एक मरा हुआ सांप निकाला। इसके चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोगों का आरोप है कि यह सब आईपीएच विभाग की लापरवाही के चलते हो रहा है। इससे पहले भी आनी की मुहान पंचायत के खडोरन गांव के दर्जनों बच्चों गंदे पानी के प्रयोग से भयानक रोगों की चपेट में आ चुके हैं।
खडोरन गांव के पूर्व वार्ड सदस्य दिवान का कहना है कि उनका पूरा गांव तीन दिन से उल्टी-दस्त और बुखार की चपेट में आ गया है। इनमें अधिक बच्चे शामिल हैं, जबकि अधिक बुखार होने के कारण सुमा देवी को शिमला भेज दिया गया है। इसके अलावा ग्रामीणों में गौरव ठाकुर, उर्वशी ठाकुर, रोनिश, सोनू ठाकुर, ऊषा देवी, बालकृष्ण, हीरा मणी देवी, चांद कुमारी, मनीष, संदेशा कुमारी, सुमा देवी सहित दर्जनों लोग बीमारी की चपेट में आ गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस टैंक से उन्हें पीने का पानी आता है, उसकी समय पर सफाई नहीं होती है। ग्रामीणों ने जब टैंक देखा तो वहां मरा हुआ सांप मिला, जिसे गांव के रामसाईं ने टैंक से बाहर निकाला। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इसके बारे में कई बार आईपीएच विभाग से भी शिकायत की, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। इसके चलते ग्रामीण बीमारी की चपेट में आ गए हैं। इसके बारे में आईपीएच के कनिष्ठ अभियंता सेस राम आजाद का कहना है कि टैंक में सांप नहीं मरा था। उन्होंने कहा कि विभाग ने टैंक को साफ करवा दिया है। लापरवाही के लिए फीटर के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई गई है। उधर, बीएमओ आनी डा. ज्ञान ठाकुर का कहना है कि उन्हें इसके बारे में अभी जानकारी नहीं है। अगर इस तरह की बात है तो गांव के लिए दवाइयां भेजी जाएंगी।
