
पिथौरागढ़। काली से बुरी तरह बर्बाद झूलाघाट को बचाने के लिए बचाव कार्य जल्द शुरू होगा। नदी के किनारे अस्थाई बचाव व्यवस्था के लिए तार एकत्र किया जाना लगा है।
नेपाल सीमा पर स्थित झूलाघाट में 16 जून को काली के उफान में आने से तटवर्ती क्षेत्रों में खासा नुकसान हुआ था। नदी के किनारे बना 258 मीटर लंबा तटबंध बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। जिससे दो दर्जन से अधिक दुकान और मकान एकदम खतरे की जद में आ गए। लोग अपने मकान छोड़कर दूसरी जगहों में रहने को मजबूर हैं।
अब सिंचाई विभाग बरसात के दौरान काली नदी के किनारे नुकसान को बचाने के लिए अस्थाई प्रबंध कर रहा है। विभाग के सहायक अभियंता एके पांडेय का कहना है कि 56.67 लाख रुपये की लागत से फिलहाल 135 मीटर एरिया में 4.50 मीटर ऊंचाई के अस्थाई तटबंध बनाया जाएगा। इसके लिए तार के जाल और बोल्डर को एकत्र करने का काम शुरू कर दिया गया है। तटबंध के स्थाई कार्य के लिए प्रस्ताव बनाया जा रहा है। जिसे स्वीकृति के लिए गंगा बाढ़ केंद्र पटना भेजा जाएगा।
