
हल्द्वानी। वन निगम में मजदूरों के भुगतान के नाम पर घोटाले की आशंका है। इस मामले में आरटीआई एक्टिविस्ट ने आरएम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है।
निगम की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठता रहा है। गौला खनन में भी कई बार शिकायत सामने आई थी।
अब निगम द्वारा श्रमिकों के भुगतान में घोटाले की आशंका है। कथित तौर पर मजदूरों के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर भुगतान किया जाने का मामला सामने आया है। आरटीआई एक्टिविस्ट गुरविंदर चड्डा ने बताया कि वन निगम में पेड़ों की जो कटान, ढुलान होता है, उसका भुगतान निगम करता है। काम में लगे श्रमिकों के बिलों को स्केलर बनाता है, जो सेक्शन अफसर से होते हुए डीएलएम तक जाता है, जहां से भुगतान का चेक बनता है। उनके पास जो अभिलेख हैं, उसको देखकर प्रथम दृष्टया लगता है कि कुछ जगहों पर एक ही व्यक्ति ने अलग-अलग नामों से हस्ताक्षर करने से लेकर अंगूठा लगाया है। इसके अलावा कई गड़बड़ियां सामने आई है। मजदूरों का कई जगह नाम, पता लिखा गया है, जबकि कई जगह यह तथ्य गायब कर दिए गए हैं। यह काम सालों से चल रहा है। उनका आरोप है कि कथित तौर कुछ लोगों की मिलीभगत करोड़ों का घोटाला किया गया है। इस संबंध में आरएम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने के साथ अधिकारियों से वार्ता की गई है। राज्यपाल को भी शिकायती पत्र भेजा गया है।
