रेजीडेंस प्रूफ नहीं है आधार कार्ड

नई दिल्ली। आधार कार्ड आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता बनने में मददगार साबित नहीं होगा। इसका इस्तेमाल आप वोटर आई कार्ड बनाने के लिए रेजीडेंस प्रूफ के तौर पर नहीं कर सकते हैं। चुनाव आयोग की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक, आधार कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ जन्म प्रमाण पत्र के रूप में किया जा सकता है। चुनाव आयोग ने आधार के साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड को भी इसी वर्ग में रखा है। इसका इस्तेमाल भी सिर्फ जन्म प्रमाण पत्र के लिए किया जा सकता है। दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय 5 जुलाई से समरी रिवीजन का काम शुरू कर रहा है। सीईओ ऑफिस ने साफ कर दिया है कि आधार को रेजीडेंस प्रूफ की कैटेगिरी में नहीं डाला जाएगा।

रेजीडेंस प्रूफ के लिए जरूरी कागजात
रेजीडेंस प्रूफ के लिए आवेदक को बैंक या पोस्ट ऑफिस की करंट अकाउंट पास बुक, राशन कार्ड, पासपोर्ट, इनकम टैक्स रिटर्न, बिजली, पानी या टेलीफोन का करंट बिल, गैस कनेक्शन बिल या पोस्ट ऑफिस से आई कोई पोस्ट मान्य होगी। संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी नीरज भारती ने बताया कि सिर्फ 18 से 21 साल के बीच की उम्र वाले आवेदकों से जन्म प्रमाण पत्र लिया जाता है।

5 से 26 जुलाई तक समरी रिविजन
नई दिल्ली। राजधानी में विधानसभा चुनावों से पहले फाइनल समरी रिवीजन का काम शुक्रवार से शुरू हो जाएगा। 5 से 26 जुलाई तक चलने वाले रिवीजन के दौरान प्रत्येक विधानसभा में बने मतदाता पहचान पत्र पंजीकरण केंद्रों और इलाके के नजदीकी सरकारी स्कूल (जिसमें पोलिंग स्टेशन बने थे) में आवेदन किए जा सकते हैं। दिल्ली में इस तरह के करीब 2000 कैंप लगेंगे। इस दौरान नए वोटर बनने के साथ ही नाम हटवाने, गलती दूर कराने के लिए भी आवेदन किए जा सकते हैं। आवेदकों को अगर कोई समस्या है तो वह इसकी शिकायत दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी के हेल्पलाइन नंबर 1950 पर कर सकते हैं।

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