
किच्छा। चार धाम की यात्रा से बलवंत कालोनी निवासी दर्शना शर्मा मंगलवार को अपनी पुत्री मीनू के साथ घर पहुंची। उनका कहना है कि जीवन भर इस त्रासदी को भूल नहीं पाएंगी। बलवंत कालोनी निवासी दर्शना शर्मा अपनी पुत्री मीनू देवी व गदरपुर निवासी सोनिया व प्रविंद्र कौर के साथ 15 जून की शाम को कार से जोशीमठ पहुंची। उन्होंने बताया कि 16 की सुबह वह जब केदारनाथ के लिए रवाना हुए मूसलाधार बारिश हो रही थी। जोशीमठ से 3 किमी. आगे पता चला कि रास्ते बंद हैं। सड़कें धंस गई हैं। तो वापस बद्रीनाथ आ गए। बताती है कि बद्रीनाथ आकर पता चला कि चारों ओर भयंकर त्रासदी हो चुकी है। अलकनंदा नदी में हजारों लोगों को अपनी आंखाें से बहते देखा है। उन्हाेंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा वहां कुछ भी व्यवस्था 30 जून तक नहीं थी। सेना वाले न केवल रोटी खिला रहे थे। उन्हाेंने बताया कि 30 जून को जब वह हेलीकाप्टर से आई तब भी वहां पांच हजार से अधिक लोग फंसे हुए थे।
