
अल्मोड़ा। गंगोला मोहल्ला में रहने वाले विजय साह और उनका परिवार तबाही से दो दिन पहले केदारनाथ के दर्शन करके बद्रीनाथ पहुंच गया। 22 दिन बाद केदारनाथ से वे सकुशल घर लौट आए हैं। साह परिवार के छह लोग 10 जून को अल्मोड़ा से निकले और 14 जून को केदारनाथ की यात्रा करके वापस बद्रीनाथ पहुंच गए। बद्रीनाथ में एक दिन रुकने के बाद रास्ते बंद हो गए और फिर करीब 15 दिन वहीं फंसे रहे। दो दिन पहले वह हेलीकॉप्टर से जोशीमठ आए और फिर वहां से चमोली-गैरसैंण होकर अल्मोड़ा पहुंचे।
सहकारिता विभाग में नौकरी करने वाले विजय साह अपनी पत्नी विभूति साह, माता बसंती साह, सास भगवती साह के अलावा दो बच्चों विदूषी और गुंजन को साथ लेकर 10 जून को अल्मोड़ा से केदारनाथ के लिए चले।13 जून को केदारनाथ में दर्शन करने के बाद 14 जून को यह परिवार बद्रीनाथ पहुंच गया। तब तक मौसम ठीक था। यह लोग एक दिन रुक गए और इसके बाद मौसम काफी खराब हो गया और बद्रीनाथ से जोशीमठ का रास्ता बंद हो गया। श्री साह ने बताया कि इसके बाद बिजली बंद हो गई और एक सप्ताह तक फोन भी चार्ज नहीं हो पाए। इस बीच उनका अल्मोड़ा में घर के लोगों से भी संपर्क कटा रहा। इन लोगों को केदारनाथ हुई तबाही के बारे में एक सप्ताह बाद ही पता चला। श्री साह ने बताया कि चमोली से कुमाऊं की तरफ आने के लिए वहां के प्रशासन ने कोई व्यवस्था नहीं की थी। फिर सब लोग एक रात गैरसैंण में किसी रिश्तेदार के यहां रहे और सोमवार को अल्मोड़ा पहुंच गए।
