
डलहौजी (चंबा)। एसडीएम संजय धीमान की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में मंगलवार को आपदा प्रबंधन पर बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसडीएम ने उत्तराखंड में आई त्रासदी को ध्यान में रखते हुए सभी विभागाध्यक्षों को किसी भी आपदा के आने की सूरत में उसका सामना करने के लिए तत्पर रहने और जान माल की क्षति को कम से करने के लिए सभी विभागों को सचेत रहने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बादल फटने, बाढ़, भूस्खलन की चपेट में आने की संभावना वाले स्कूलों की सूची तैयार करने के भी निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त विभिन्न स्तरों पर समितियों का गठन किया गया। उपमंडल स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में तहसीलदार/ नायब-तहसीलदार, डीएसपी, पीडब्ल्यूडी, आईपीएच, बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता, बिजली परियोजनाओं के नोडल अधिकारी, वन मंडलाधिकारी, बीडीओ, बीएमओ, खंड शिक्षा अधिकारी, कार्यकारी अधिकारी नप डलहौजी आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य होंगे। तहसील और उपतहसील स्तर पर संबंधित तहसीलदार, नायब तहसीलदार की अध्यक्षता में पीडब्ल्यूडी, आईपीएच, बिजली बोर्ड के सहायक अभियंता, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, सीडीपीओ आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य होंगे। साथ ही आपदा प्रबंधन के लिए उपमंडल को तीन सेक्टर डलहौजी, सलूणी और भलेई में बांटा गया। एसडीएम ने नोडल अधिकारियों को समय-समय पर बैठक करने, जानकारी भेजने और बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवी वर्ग, मीडिया, एनजीओ और आम जन मानस से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की त्रासदी से बचने व इसके प्रभाव को कम करने के लिए प्रशासन को सहयोग दें। बैठक में सभी नोडल अधिकारियों ने भाग लिया ।
