खुड़ीजल के चरणों में चढ़ेगी नई फसल

कुल्लू। घाटी के आराध्य देव खुड़ीजल के सम्मान में बुधवार से बीस आषाढ़ मेला शुरू होगा। तीन दिन तक चलने वाले इस मेले में देवता खुड़ीजल अपने देहुरी देवालय से बाहर निकलकर हारियानों, कारकूनों और देवलुओं को दर्शन देंगे। इस दौरान देवता खुड़ीजल, देवता खौला के साथ देहुरी सौह में देव परंपरा के अनुसार परिक्रमा करेंगे। इसके बाद देवता अपने गुर के माध्यम से लोगों को साल भर घटने वाली घटनाओं की भविष्यवाणी करेंगे।
नई फसल तैयार होने के मौके पर मनाए जाने वाले इस मेले को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हर साल की भांति मनाए जाने वाले इस मेले में जहां रघुपुर घाटी की फनौटी, लगौटी, करशैईगाड़ तथा टकरासी पंचायतों के सैकड़ों लोग भाग लेंगे वहीं सीमांत लगते मंडी जिला के ग्रामीण भी मेले की शोभा बढ़ाएंगे। देवता के कारदार और शेर सिंह तथा कुल पुरोहित फौजी लाल शर्मा ने कहा कि देवता खुड़ीजल का यह सरकारी मेला है। इसके आयोजन के लिए सरकार की ओर से 20 रुपये मिलते हैं।
मेले का आयोजन जौ-गेहूं की नई फसल तैयार होने पर मनाया जाता है और 20 आषाढ़ को मेले के पहले दिन देवता के हारियान नई फसल का पहला भोजन प्रसाद के रूप में देवता को चढ़ाते हैं। दूसरे दिन का मेला फसल खराब न हो तथा अंतिम तथा तीसरे दिन पशुधन की रक्षा को लेकर मेला मनाया जाता है। देवता के कुल पुरोहित फौजी लाल शर्मा ने कहा कि मेले के पहले दिन देवता सालभर की भविष्यवाणी का बखान करेंगे। अगले दो दिन तक घटने वाली घटनाओं के समाधान हेतु देवता से गुहार लगाई जाएगी।

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