
ऊना। शक्तिपीठ चिंतपूर्णी के होटल में हुए ब्लाइंड मर्डर को क्रैक कर पुलिस ने हत्यारोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा ही दिया। एक ब्लाइंड काल ने हत्यारोपी की पूरी कुंडली खोलकर रख दी। इसके बाद हत्यारोपी ने एक और मोबाइल नंबर ले लिया था। हत्यारोपी एक अय्याश किस्म का शख्स है। डीएसपी देहरा बीडी भाटिया ने बताया कि वारदात वाले दिन यह मर्डर केस पूरी तरह से एक ब्लाइंड केस था। युवती की लाश फर्श पर पड़ी थी और कोई नाम पता और मोबाइल फोन आदि बरामद नहीं हुआ। होटल के एंट्री रजिस्टर पर दर्ज पता भी फर्जी था। इस बीच होटल में कार्यरत एक कर्मी ने कहा कि यह युवक पहले भी तीन चार बार इस होटल में आ चुका है। पुलिस ने एंट्री रजिस्टर कब्जे में लेकर इसमें दर्ज पिछला रिकार्ड खंगाला। रिकार्ड में बैशाखी के समय क ी एक एंट्री मिली। उसमें नाम पता तो फर्जी था, लेकिन एक मोबाइल नंबर सही पाया गया। पुलिस ने उस मोबाइल नंबर पर ब्लाइंड काल करके इधर-उधर की बातें करते हुए अंधेरे में तीर चलाया। पुलिस ने उस युवक से कहा कि आप कल भी होटल में आए थे। आपने बिल जिस होटल कर्मी को दिया, वह पैसे होटल काउंटर पर जमा नहीं करवा रहा है। आप उस कर्मी से बात कर लें। अंधेरे में चलाया तीर निशाने पर बैठ गया। दूसरी तरफ से आवाज आई कि कल आपके होटल में दिनेश आया था। उसका मोबाइल नंबर और पता भी मिल गया। सेलुलर कंपनी के माध्यम से भी पुलिस ने उस मोबाइल नंबर के पते ठिकाने की पुष्टि की। फिर पुलिस मृत युवती का फोटो लेकर जब लुधियाना गई तो उस पते के आसपास रहने वालों लोगों ने युवती को पहचाना और दिनेश के संबंध में पूरी जानकारी दी। डीएसपी ने कहा कि मोबाइल लोकेशन ट्रेस करके ही पुलिस ने हत्यारोपी दिनेश को फिल्लौर में गिरफ्तार किया।
