
नई टिहरी। जिला कारागार में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे कैदियों ने आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को कानूनी सुविधा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आर्थिक कमजोरी के कारण कई बार कोर्ट में ठीक से पैरवी न करने के कारण बेगुनाह को सजा हो जाती है। उन्होंने अपराधों की निष्पक्ष विवेचना के लिए पुलिस सुधार आयोग को सक्रिय करने की भी मांग उठाई।
यहां जारी प्रेसनोट में कैदियों ने प्रभारी जेलर के माध्यम से अपनी व्यथा बयां करते हुए विभिन्न स्तर पर सुविधाएं देने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि दहेज और अन्य मामलों में कई बार निर्दोष व्यक्ति को सजा हो जाती है। ऐसे कैदियों को कानूनी मदद दी जानी चाहिए। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर लंबी अवधि के सजायाफ्ता कैदियों के परिजनों के जीवन निर्वहन के लिए सरकार, उद्योगपतियों और स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से एक ऐसा कोष बनाने की मांग की है, जिससे उनके बच्चों की शिक्षा और परिवार के लालन-पालन की समुचित व्यवस्था हो सके। कैदियों ने परिजनों से संपर्क करने के लिए माह में कम से कम दो बार दूरभाष की सुविधा देने की मांग की है। प्रभारी जेलर वेदप्रकाश ने कहा कि कैदियों की मांगों पर सरकार ही निर्णय ले सकती है। उन्हें परिजनों से मिलने की सुविधा पहले से ही दी जा रही है।
