बदरीनाथ से रेस्क्यू किए 1101 तीर्थयात्री

जोशीमठ/गोपेश्वर। मौसम ने बदरीनाथ धाम में फंसे तीर्थयात्रियों की धुकधुकी एक दिन और बढ़ा दी। सोमवार को बदरीनाथ क्षेत्र में मौसम खराब रहने के चलते हेलीकॉप्टर करीब चार घंटे रेस्क्यू नहीं कर पाए। रेस्क्यू आपेशन में सोमवार को हेलीकॉप्टर से 476 और 625 तीर्थयात्रियों को पैदल मार्ग से रेस्क्यू कर जोशीमठ राहत शिविरों में पहुंचाया गया।
सोमवार को सुबह जोशीमठ और बदरीनाथ क्षेत्र में मौसम खराब रहा। करीब ग्यारह बजे जोशीमठ हेलीपैड से एक हेलीकॉप्टर बदरीनाथ धाम के लिए उड़ा, लेकिन कुछ ही देर में हेलीकॉप्टर आधे रास्ते से जोशीमठ लौट आया। दोपहर साढे़ बारह बजे तक भी मौसम थोड़ा खुल पाया। तब तीन हेलीकॉप्टरों ने बदरीनाथ के लिए उड़ान भरी। पांच घंटे तक रेस्क्यू चलने के बाद पुन: शाम पांच बजे फिर मौसम ने करवट ली। बदरीनाथ में चोटियों पर बादल छा जाने से सेना के मालवाहक हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सके।
जिला सूचना अधिकारी बीसी तिवारी ने बताया कि अब धाम में करीब 150 तीर्थयात्री और 350 स्थानीय निवासी जोशीमठ के लिए निकाले जाने हैं। उन्होंने कहा कि यदि मौसम ने साथ दिया, तो मंगलवार को सभी तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों को रेस्क्यू कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया सोमवार को पांडुेश्वर, लामबगड़, घोड़ा पडाव, पिनोला, पुलना और उर्गम घाटी में हेलीकॉप्टरों से राहत सामग्री भी भेजी गई है।

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