
ऊना। प्राथमिक सहायक अध्यापक संघ ने कहा है कि उनके भविष्य पर बेवजह तलवार लटकाई जा रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से नियमित करने का रास्ता साफ करने की गुहार लगाई है। इसी सिलसिले में संघ की अहम बैठक सोमवार को जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह की अध्यक्षता में हुई। इस मौके पर अमरजीत सिंह ने कहा कि जब प्राथमिक सहायक शिक्षकों की नियुक्तियां वर्ष 2003 से 2007 तक की गई थीं, उस समय आरटीई-2009 लागू नहीं किया गया था। अब जब वे नियमितीकरण के लिए सभी मानक पूरे करते हैं तो मात्र छह दिन के प्रशिक्षण को भी लटकाकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पैट का प्रशिक्षण दो वर्ष के पत्राचार और डाइट के माध्यम से पूरा हो चुका है। केवल छह दिन का प्रशिक्षण शेष बचा है, जिस पर एनसीटीई सवालिया निशान लगा रही है। इसमें शिक्षकों का क्या दोष है। उन्होंने कहा कि जो पाठ्यक्रम जेबीटी का है, वही पैट का भी है, जबकि पूर्व सरकार ने ग्रामीण विद्या उपासकों को 90 दिनों का प्रशिक्षण प्रदान कर वर्ष 2011 में ही नियमित कर दिया था। उस समय भी आरटीई 2009 लागू हो चुका था तो अब पैट पर ही नियमों की शर्तें क्यों थोपी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि अब विभाग पैट पर टैट और 240 दिनों के प्रशिक्षण की शर्तें लागू करेगा तो पैट संघ इसका पुरजोर तरीके से विरोध करेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है, जिससे प्रदेश भर में कार्यरत 3482 प्राथमिक सहायक शिक्षकों का भविष्य खतरे में न पड़े। उन्होंने मंडी उपचुनाव में प्रतिभा सिंह की रिकार्ड जीत के लिए उन्हें बधाई भी है। इस मौके पर प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश सहसचिव विजय बैंस, पैट संघ के राज्य प्रतिनिधि गुरदीप सिंह, जिला महासचिव विनोद राणा, कोषाध्यक्ष देवेंद्र कुमार, मुख्य सलाहकार राजेंद्र राणा, विनोद कुमार, दीपक कुमार, सुरेश कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद थे।
