टमाटर पर लेट ब्लाइट का हमला

काइस (कुल्लू)। जिला कुल्लू में फसलों पर मौसम की मार पड़नी शुरू हो गई है। किसानों और बागवानों की नकदी फसलें बीमारियों की चपेट में आने लगी है। लेट फसलों पर ब्लाइट और पछेता झुलसा रोग ने हमला बोल दिया है। बीमारी के प्रभाव से पौधों के पते पीले होकर झड़ रहे हैं और पौधों पर काले धब्बे पड़ गए हैं। टमाटर के पौधे सड़कर गिरने लगे हैं। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक अत्यधिक बारिश के कारण यह समस्या पेश आई है। उनका कहना है कि कच्चा गोबर डालने से भी इस बीमारी का प्रकोप बढ़ता है। जिला कुल्लू में 636 हेक्टेयर क्षेत्र में टमाटर की खेती होती है। सैकड़ों किसान टमाटर की खेती पर निर्भर हैं इसी से उनके परिवार का गुजर-बसर होता है। लेट ब्लाइट अथवा पछेता झुलसा रोग के प्रकोप के कारण टमाटर की लगभग 50 फीसदी फसल को नुकसान की आशंका है। भुंतर, बजौरा, गड़सा, पनारसा, बंजार, नगर्वाइं, खराहल, काइस और झीडी क्षेत्रों में इस बीमारी का अधिक प्रकोप है। किसान सूरज सिंह, देवराज, राजकुमार, तारा चंद, लाल चंद, तुले राम, वेद राम, डुगले राम, कुंदन लाल, परमा नंद, बेली राम, भाग चंद, पूर्ण चंद ने कहा कि बीमारी की चपेट में आने के कारण कई बीघा भूमि में टमाटर के पौधे तहस-नहस हो गए हैं।

दवाई का करें छिड़काव
किसान-बागवानों को सलाह दी जाती है कि या तो रिडोमिल एम जड का 500 ग्राम 200 लीटर पानी मेें डालकर छिड़काव करें अथवा एप्रोवेट 200 ग्राम 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें। 10 दिन के बाद मनकोजेव 500 ग्राम 200 लीटर पानी में डालकर छिडकाव करें। जब भी छिड़काव करना हो स्टीकर का प्रयोग अवश्य करें इसके अभाव में साबुन का घोल बनाकर स्प्रे की जा सकती है
-डा. किशोर घोसला बागवानी अनुसंधान केंद्र सेउबाग

रोग के लिए दवाइयां उपलब्ध
मौसम में बदलाव और अत्यधिक बारिश के कारण यह रोग लग रहा है। विभाग के पास बीमारी पर अंकुश लगाने के लिए दवाइयां उपलब्ध हैं। विभाग अपने स्तर पर भी बीमारी पर अंकुश लगाने के लिए कार्य करेगा
-डा.बीएल शर्मा कृषि उपनिदेशक कुल्लू

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