
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए फिक्सर जितेंद्र जैन उर्फ जीतू श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण के अलावा राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ी हरमीत सिंह से भी फिक्सिंग करवाना चाहता था। उसकी हरमीत से बात भी हुई थी, लेकिन उसके जरिए फिक्सिंग नहीं हो पाई। विशेष पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि हरमीत ने फिक्सिंग नहीं की थी इसलिए उससे पूछताछ का कोई मतलब नहीं है।
विशेष पुलिस आयुक्त ने बताया कि जितेंद्र जैन और हरमीत सिंह की मुंबई में मीटिंग हुई थी। इसमें फिक्सिंग को लेकर बात हुई थी, मगर हरमीत ने फिक्सिंग नहीं थी। जितेंद्र ने बताया कि हरमीत राजस्थान रॉयल्स का युवा खिलाड़ी है, ऐसे में उसे पर भरोसा नहीं किया जा सकता था। जितेंद्र ने आईपीएल-6 शुरू होने से पहले ही फिक्सिंग की तैयारी शुरू कर दी थी। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले करीब एक माह पहले ही जितेंद्र की अंकित, अजीत चंदीला और हरमीत से मुलाकात हुई थी।
जीतू ने ही कराई थी श्रीसंत से फिक्सिंग
विशेष पुलिस आयुक्त ने बताया कि श्रीसंत से फिक्सिंग जितेंद्र जैन ने ही कराई थी। श्रीसंत को एक ओवर में 14 रन देने के लिए 40 लाख रुपये देने तय हुए थे। श्रीसंत ने ओवर में 13 रन दिए थे। इसके बावजूद श्रीसंत को 10 लाख रुपये दिए गए थे। जितेंद्र ने खुलासा किया है कि श्रीसंत को 10 लाख रुपये इसलिए दिए गए क्योंकि वह इंटरनेशनल खिलाड़ी है और आगे आईपीएल व इंटरनेशनल एकदिवसीय मैचों में फिक्सिंग करवाने में काम आ सकता है।
श्रीसंत के मैच में कमाए थे 70-80 लाख रुपये
जितेंद्र जैन ने बताया कि श्रीसंत ने मोहाली के मैच में फिक्सिंग की थी। इसमें उसनेे 70 से 80 लाख रुपये कमाए थे।
