
हरिद्वार। बाबा रामदेव ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच प्राचीन काल से मैत्री चली आ रही है। इस मैत्री को आगे बढ़ाना जरूरी है। स्वस्थ समाज के लिए दोनों देशों को साथ मिलकर काम करने की सख्त जरूरत है।
शुक्रवार को पतंजलि योग पीठ शाखा दो में शुरू हुए तीन दिवसीय नेपाली कार्यकर्ता सम्मेलन एवं प्रशिक्षण शिविर (हामरो स्वाभिमान सम्मेलन) में नेपालियों को संबोधित करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि ब्रह्मांड में जो भी विद्यमान है वह मानव मात्र के लिए है। समूची पृथ्वी अपने आपमें नियंत्रित और मर्यादित है। प्राकृतिक सत्ता और आत्मा का नियंत्रण कर इस जगत के कार्य संपन्न किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाली समाज एक-दूसरे का पूरक है और हमारी संस्कृति परस्पर जुड़ी हुई है। हामरो स्वाभिमान के माध्यम में राष्ट्रीय स्वाभिमान का जागरण किया जाएगा।
आचार्य बालकृष्ण ने हामरो स्वाभिमान के उद्देश्य, लक्ष्य एवं सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच प्रगाड़ता जरूरी है। भारत में रहने वाले नेपालियों की संख्या बहुत अधिक है। फिर भी नेपाली समुदाय सांस्कृतिक पहचान नहीं बना पाया है। इसके लिए काम करना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आई आपदा के दौरान नेपाली समाज का दायित्व है कि वह सहयोग प्रदान करे। मौके पर डा. शिवाचार्य, डा. रुद्र भंडारी, डा. सीवी थापा, विनिता राय, डा. पदम प्रसाद सुवेदी आदि ने भी विचार रखे।
