
बड़कोट। आपदा के 13 दिन बाद खरादी पहुंचे डीएम को बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा झेलना पड़ा। डीएम ने खरादी में पिछले वर्ष काम न होने के लिए सिंचाई विभाग को जिम्मेदार ठहराया। सिंचाई विभाग के ईई को धक्का-मुक्की झेलनी पड़ी। नगर पंचायत अध्यक्ष अतोल रावत और पुलिस ने बीच बचाव कर मामला शांत किया।
दरअसल पिछले वर्ष खरादी में आपदा के बाद सुरक्षा कार्य नहीं हुए। जिससे इस वर्ष यहां तबाही का दायरा बढ़ गया। मौके पर पहुंचे डीएम ने बताया कि सिंचाई विभाग को सुरक्षा कार्यों के लिए 1.30 करोड़ रुपये दिए गए थे। इस पर आपदा पीड़ित भड़क उठे और उन्होंने ईई आरके गुप्ता के साथ धक्का-मुक्की की। ईई ने बताया कि पूरे डिवीजन को 1.32 करोड़ मिले थे। जिसमें खरादी में मात्र 5.50 लाख खर्च हुए। डीएम का कहना था कि सिंचाई विभाग की अकर्मण्यता से प्रशासन की भी फजीहत हो रही है। उन्होंने फौरी तौर पर खरादी के लिए 50 लाख के बजट की प्रशासनिक स्वीकृति दी। साथ ही भवनहीन हुए लोगों को 2-2 लाख रुपये देने की बात कही।
इस मौके पर एसडीएम, मनवीर चौहान, डा.हुकम सिंह रावत, केंद्र सिंह, आनंद राणा, भरत रावत, राजेंद्र चौहान, किताब सिंह रावत, जनक राणा आदि मौजूद थे। इससे पहले डीएम ने बड़कोट गांव के तिलाड़ी में हुए नुकसान का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
