
अल्मोड़ा। सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा है कि आपदा से अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र के धारचूला और कपकोट विधानसभा क्षेत्रों में बहुत अधिक नुकसान हुआ है। गाद भर जाने और अन्य खराबियों के चलते 280 मेगावॉट बिजली पैदा करने वाली एनएचपीसी की ऐलागाड़ परियोजना ठप है। उन्होंने बताया कि प्रांरभिक आकलन में ही धारचूला क्षेत्र में ही सार्वजनिक संपत्तियों को 300 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है।
आपदा क्षेत्रों से लौटने के बाद उन्होंने अल्मोड़ा में पत्रकारों को बताया कि दारमा, व्यास, चौदास घाटी समेत चीन और नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों में काफी नुकसान हुआ है। घट्टा बगड़ और न्यू सोबला गांवों का नामोनिशान नहीं रहा। ऐतिहासिक जौलजीबी मेला क्षेत्र तबाह हो गया है और भारत-नेपाल को जोड़ने वाले मुख्य पुल समेत कई पुल आपदा की भेंट चढ़ गए। सड़कें, रास्ते, पेयजल योजनाओं के अलावा निजी और सार्वजनिक संपत्ति नष्ट हो गई। उन्होंने बताया कि सीमांत क्षेत्र के विभिन्न गांवों में अब भी 600 लोग फंसे हैं।
सांसद ने कहा कि राहत कार्य में प्रशासन, सेना, सरकार मुस्तैदी से लगे हैं। दूरस्थ इलाकों में हेलीकॉप्टर के जरिए राहत सामग्री भेजी जा रही है। क्षतिग्रस्त सड़कों, संपर्क मार्गों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में भविष्य में नुकसान रोकने के लिए प्रभावी और वैज्ञानिक योजना बनानी चाहिए। उन्होंने भारत और नेपाल क्षेत्र में काली नदी द्वारा हा ेरहे भू-कटाव और बाढ़ नियंत्रण को दानों देशों को संयुक्त प्रयास करने पर जोर दिया। उनके साथ कांग्रेस नगर अध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक मौजूद थे।
