
अल्मोड़ा। धौलादेवी और भैंसियाछाना ब्लाक की सीमा से लगे एक दर्जन से अधिक गांवों में सड़क नहीं पहुंच सकी है। कई साल पहले नैनी-न्योलियाखान और सेराघाट-कुंजकिमौला मोटर मार्गों के निर्माण को मंजूरी मिल गई थी लेकिन इन सड़कों का निर्माण आज तक शुरू नहीं हो सका है।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत 2005 में 32 किमी लंबे सेराघाट-कुंजकिमौला मोटर मार्ग के निर्माण की मंजूरी मिली लेकिन तब से आज तक मोटर मार्ग के निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका है। इससे न्योलियाखान, हरड़ा, तरूला, तल्ला सेराघाट, नाली, कोट्यूड़ा, सल्ला भाटकोट, ढानखेत, सल्यूड़ी, ल्वेटा, मल्ला सेराघाट, जिंगल बमौरी, गौनाब, कटधारा सहित अनेक गांव यातायात सुविधा से वंचित रह गए हैं। ग्रामीण पांच से 12 किमी की पैदल दूरी तय कर सड़क तक पहुंचते हैं। इन गांवों में आलू, आम, सेब, धान, सब्जी आदि की फसल काफी मात्रा में होती है, परंतु सड़क नहीं होने से कृषक उत्पादित फसल को मंडी तक नहीं पहुंचा पाते हैं।
2004 में नैनी से न्योलियाखान तक 2.5 किमी सड़क स्वीकृत हुई लेकिन आठ साल बीत जाने के बाद भी इस सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। सड़क नहीं बनने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा गुरुड़ाबांज-अंडोली, खेती-जटेश्वर समेत कई सड़कों का काम भी अब तक शुरू नहीं हुआ है। यातायात सुविधा से वंचित गांवों के निवासियों में रोष है। पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता ने बताया कि अब तक वन भूमि की भी स्वीकृति नहीं मिली है। केंद्र से स्वीकृति मिलने के बाद ही सड़कों का निर्माण शुरू होगा।
