
बिलासपुर/भराड़ी। भराड़ी थाना के तहत दधोलकलां में करीब दो माह पूर्व संदिग्ध अवस्था में हुई मृत्यु के एक मामले में परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर असंतोष जाहिर किया है। उनका कहना है कि भराड़ी पुलिस ने महज रपट दर्ज करके औपचारिकता निभा दी। जांच के नाम पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। मृतक की पत्नी ने इस मामले में एक करीबी रिश्तेदार पर संदेह जताते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई है।
शुक्रवार को ग्रामीणों के साथ बिलासपुर में एसपी को ज्ञापन सौंपने पहुंची रैना देवी ने कहा कि उसकी शादी दधोलकलां निवासी कमलेश चंद के साथ हुई थी। उनकी तीन साल की एक बेटी है। गत एक मई की शाम एक फोन आने पर उसके पति किसी को कुछ बताए बगैर चले गए, लेकिन वापस नहीं आए। रात को उन्हें जगह-जगह तलाश किया गया, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। अगले दिन गांव से नीचे के ओर नाले के पास वह मृत अवस्था में मिले। सूचना के आधार पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के साथ ही रपट भी दर्ज की, लेकिन उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई। रैना ने अपने एक करीबी रिश्तेदार पर संदेह जताते हुए कहा कि इस रिश्तेदार की इससे पहले भी उसके पति के साथ कहासुनी हुई थी। जमीन-जायदाद हड़पने की मंशा से उसने सुनियोजित साजिश के तहत कुछ गुंडा तत्वों की मदद से उसके पति को जान से मार दिया। उसने इस मामले की गहन जांच करके दोषियों को सजा दिलाने की गुहार लगाई। साथ ही यह भी कहा कि यदि उसके परिवार के साथ कोई अनहोनी हुई तो इसके लिए पुलिस जिम्मेदार होगी। इस बारे में एसपी अनुपम शर्मा ने कहा कि हालांकि पुलिस ने नियमानुसार मामला दर्ज करके कार्रवाई की है, लेकिन परिजनों की ओर से जताए जा रहे संदेह के आधार पर घुमारवीं के डीएसपी को इसकी जांच करने के लिए कहा गया है।
