
चंबा। फूड लाइसेंस बनाने के लिए दुकानदारों को अब अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पडे़ंगे। दुकानदार अब लाइसेंस बनाने के लिए आनलाइन ही आवेदन कर सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लाइसेंस आनलाइन बनाने की कवायद शुरू कर दी है। आगामी एक जुलाई से लाइसेंस आनलाइन बनाए जाएंगे। दुकानदारों को न तो लाइसेंस के जरूरी दस्तावेज जमा करवाने के लिए अस्पताल आना पड़ेगा और न ही फीस जमा करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ेंगे। दुकानदार लोकमित्र केंद्र या साइबर कैफों में जाकर फूड लाइसेंस बनाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। फूड लाइसेंस का प्रिंट भी दुकानदार लोकमित्र केंद्रों और साइबर कैफों से प्राप्त कर सकते हैं। लाइसेंस बनाने की अवधि जुलाई से फरवरी, 2014 तक रखी गई है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत विभाग ने लाइसेंस बनाना अनिवार्य कर रखा है। करियाना, ढाबा, रेहड़ी मालिकों को फीस मालिकों को फीस जमा करवाने के लिए किराया खर्च कर जिला मुख्यालय आने से भी निजात मिलेगी।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. वाईडी शर्मा ने बताया कि फूड लाइसेंस आनलाइन बनाने की प्रक्रिया जुलाई माह से शुरू की जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। खंड स्वास्थ्य अधिकारियों को इस संबंध में धर्मशाला में ट्रेनिंग भी प्रदान की गई है।
कितनी फीस ली जाएगी
छोटे दुकानदारों से स्वास्थ्य विभाग एक वर्ष का लाइसेंस बनाने के लिए 100 रुपए फीस लेता है। वहीं बड़े दुकानदारों से 2000 हजार रुपए फीस वसूली जाती है। लाइसेंस एक वर्ष से अधिक अवधि तक भी जारी किए जाते हैं।
