शहीदों के शव निकालने में मौसम बना बाधक

रुद्रप्रयाग। 25 जून को केदारनाथ से लौटते हुए जंगलचट्टी के चॉपर दुर्घटना में शहीद हुए पायलट और जवानों के शवों को निकालने में मौसम बाधा बना हुआ है। बृहस्पतिवार को दोपहर तक केदारघाटी में मौसम साफ नहीं होने के कारण शवों को निकालने गए चॉपर आधे रास्ते से ही लौट आए हैं।
25 जून को केदारनाथ से गुप्तकाशी हेलीपैड लौट रहा एअर फोर्स का एमआई-17 हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण जंगलचट्टी के ऊपर क्रैश हो गया था। इसमें एअर फोर्स के पांच, एनडीआरएफ के नौ और आईटीबीपी के छह जवान सवार थे। सभी जवान दुर्घटना में शहीद हो गए थे।
बुधवार को एअर फोर्स के कमांडो ने जंगलचट्टी में उतर कर शवों को ढूंढ निकाला था। जहां शव मिले हैं, वह अत्यंत दुर्गम क्षेत्र है। वहां से शव निकालने के लिए चॉपर ही एकमात्र सहारा है। बुधवार को बेचिंग (हवा में ही चॉपर से कोई वस्तु उठाने की विधि) के जरिए चार शव ही निकाले जा सके।
गौचर हेलीपैड पर मौजूद सेना के एक अधिकारी ने बताया कि खराब मौसम के कारण चॉपरों को बीच से लौटना पड़ा। मौसम साफ होने पर बेचिंग से शवों को निकाला जाएगा।
इधर, आईटीबीपी के कमांडेंट जीएस चौहान ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त चॉपर में सवार छह जवानों के परिजनों को सूचित कर दिया है कि वह लापता हैं। शवों के बुरी तरह झुलसने के कारण शिनाख्त नहीं हो पा रही है। इसलिए फिलहाल शहीद जवानों की सूची नहीं दी जा रही है।

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