शोपीस बने बिहार और पश्चिम बंगाल के सहायता शिविर

देहरादून। केदारनाथ घाटी में आए जल प्रलय के बाद प्रभावितों की सहायता के लिए दून रेलवे स्टेशन पर पश्चिम बंगाल और बिहार सरकार ने सहायता केंद्र खोले हैं। मगर सुबह से शाम तक यहां सिर्फ उनके कर्मचारी ही दिखाई देते हैं।
स्टेशन में घुसने से पहले ही पश्चिम बंगाल सरकार का सहायता केंद्र दिखाई देता है। यहां दो लोग प्रभावित लोगों की सहायता के लिए तैनात हैं। केंद्र में प्रभावित लोगों की मदद के लिए चाय-पानी की व्यवस्था है। बृहस्पतिवार दोपहर तक सहायता केंद्र पर एक भी प्रभावित नहीं आया था। आपदा पीड़ितों का इंतजार करते कर्मचारी खुद ही चाय पीते नजर आए। शाम को एक बुजुर्ग चाय-बंद खाता जरूर दिखाई दिया।
रेलवे स्टेशन पूछताछ केंद्र के समीप बिहार सरकार का सहायता केंद्र है। यहां दो पुलिस कर्मियों को बिहार के प्रभावित लोगों की मदद के लिए तैनात किया गया है। दोपहर के समय काउंटर सूना था। इस बीच एक व्यक्ति ने गुमशुदा बच्चे का पोस्टर लगाने के लिए कर्मचारियों से पूछताछ जरूर की। इसके अलावा स्टेशन पर गुजरात प्रदेश कांग्रेस संगठन का केवल बैनर लगा है। प्रभावितों की मदद के लिए विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, कांग्रेस सेवादल ने भी सहायता केंद्र खोले हुए हैं।

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