
रामपुर बुशहर। यहां के नोगली में चल रहा ऐतिहासिक मेला गुरूवार को धूमधाम से संपन्न हो गया। तीन दिन तक चले इस मेले में इस बार लक्ष्मी नारायण देवता कुमसू, देवी साहिबा बाड़ी, शलाट देवता, देवता सूमा, चंभू देवता कशोली, नरसिंह देवता शिंगला और देवता डंसा आदि अपने देवलुओं के साथ पहुंचे हैं।
गुरूवार को मेले के अंतिम दिन यहां पहुंचे देवता साहिब लक्ष्मी नारायण, नरसिंह स्वामी शिंगला, बाड़ी की देवी, मारकंडे शलाट देवता, कुल्लू, सूमा देवता, चबू देवता, डंसा देवता और छोटू का देवता अपने निवास स्थान की ओर निकले। इस दौरान देवताआें के आर्शीवाद के लिए यहां पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
मंदिर कमेटी के प्रधान कृष्ण गोपाल भारद्वाज ने जानकारी देते हुए बताया कि मेला विधिवत रूप से समाप्त हो गया है। उन्होनें बताया कि इस बार मेले में आए देवताओं के नजराने में भी बढ़ोत्तरी की गई है। बाड़ी की देवी को सबसे अधिक 13 हजार रूपये दिये गए। इसके अलावा ऋषि मारकंडेय शलाट देवता कुल्लू को 11 हजार 500 , सूमा देवता को 8 हजार, चंबू देवता कशोली को 9 हजार तथा डंसा देवता को 8 हजार रूपये नजराना प्रदान किया गया। मेलें के दौरान देवताओं व देवलुओं के बीच विशेष रूप से नाटी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाता है। जिसमे सभी देवी-देवता विशेष रूप से भाग लिया।
