
नई दिल्ली। एक बुजुर्ग तीन दिनों तक डॉक्टर राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के पूछताछ केंद्र के सामने बीमारी से तड़पता रहा लेकिन उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं था। अंतत: बुधवार सुबह बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर एचके कार को मरीज के भर्ती होने, तड़पने और उसकी मौत होने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वह किसी अन्य कार्य में व्यस्त थे।
सूत्रों के मुताबिक, 75 वर्षीय बुजुर्ग को चार दिन पहले में कनॉट प्लेस इलाके से आरएमएल अस्पताल के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया था। उसका इलाज भी शुरू किया गया लेकिन अगले दिन ही वहां से निकाल दिया गया। इसके बाद वृद्ध मरीज इमरजेंसी विभाग से चंद मीटर की दूरी पर पूछताछ केंद्र के सामने बने फुटपाथ पर कभी सोता तो कभी बैठा रहता। उसके बेसुध होने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस उसे फिर से आपातकालीन विभाग ले गई। जहां डॉक्टरों ने बताया कि उसकी मौत हो चुकी है। पहचान के लिए पुलिस ने शव को मुर्दा घर में रखवा दिया है। पुलिस का कहना है कि ऐसे कई मरीजों को इलाज के लिए रोजाना अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। इलाज के बाद मामूली राहत मिलने पर वह अस्पताल से बाहर निकलने की फिराक में रहते हैं। हालांकि बुजुर्ग की मौत अस्पताल के पूछताछ केंद्र के सामने हुई है।
