
नई दिल्ली। पुलिस की स्पेशल सेल ने नकली नोटों की सप्लाई करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मुंबई निवासी गोपाल लक्ष्मण मिथापरा (35), दिनेश गोरासावा (35), आनंद तारापाडो (24) और मोहम्मद बाबर शेख (32) की रूप में हुई है। इनके पास से 16 लाख के नकली नोट और दो लाख रुपये जब्त किए गए हैं। पूछताछ में गिरोह के तार मालदा (पश्चिमी बंगाल) से जुड़े पाए गए हैं। आरोपियों ने बताया कि पाकिस्तान में छपे इन नोटों को बांग्लादेश होते हुए भारत लाया गया है। पुलिस मामले में शामिल पश्चिमी बंगाल निवासी आईएसआई एजेंट की तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार, बांग्लादेश में बैठा आईएसआई का एजेंट 50 फीसदी कमीशन के आधार पर भारत में नकली नोटों को सप्लाई करने के लिए भेजता था।
दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (स्पेशल सेल) एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि सेल को दो महीने से सूचना मिल रही थी कि मालदा (पश्चिम बंगाल) का एक गिरोह नकली नोटों की सप्लाई कर रहा है। गिरोह में महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, यूपी, हरियाणा और राजस्थान के कुछ लोग शामिल हैं। आईएसआई एजेंट शाहजहां इसका सरगना है। एक सूचना के आधार पर पुलिस ने जंतर-मंतर से गोपाल और दिनेश को गिरफ्तार किया। दोनों के कब्जे से आठ लाख के नकली नोट बरामद किए गए। यह नोट हजार और पांच सौ के हैं। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने नोटों की यह खेप कोलकाता में शाहजहां से मुंबई निवासी आनंद के जरिए ली थी। इस खुलासे पर पुलिस ने 22 जून को पश्चिम बंगाल से आनंद और मोहम्मद बाबर शेख को दबोच लिया। इसके कब्जे से आठ लाख के नकली नोट, दो लाख रुपये और चार मोबाइल जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार, इन नोटों को आसानी ने नहीं पहचान जा सकता।
