एसपी साहब बताओ, कहां है हमारी कल्पना

श्रीनगर। केदारनाथ में एक माह से यात्रा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए तैनात की गई तीन महिला कांस्टेबल घटना के दिन से ही लापता हैं। जुयालगढ़ की कल्पना भी इनमें शामिल है। आज कल्पना के परिजन जिला प्रशासन के चक्कर लगाकर थक गए, पर उन्हें कल्पना के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया है।
कल्पना के परिजनों का कहना है कि तीन दिन पहले एक अखबार ने केदारनाथ में तैनात तीन महिला सिपाहियों की मौत की खबर प्रकाशित है। परिजनों का कहना था कि यदि कल्पना की मौत हो चुकी है, तो उन्हें उसका शव सौंप दिया जाए। कल्पना के पिता पूरण सिंह, भाई दिनेश और मामा ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक बलिंदर जीत सिंह से मुलाकात की तो उन्होंने बताया घटना के दिन कल्पना और अन्य एक महिला कांस्टेबल के भारत सेवा आश्रम में होने की सूचना मिली थी। यदि वे इस भवन रही होंगी, तो आपदा ने इस पूरे भवन को ही लील लिया है, ऐसे में वह क्या कह सकते हैं। परिजन कहते हैं कि सरकार अपने कर्मियों की तक सुध नहीं ले रही है। इतने दिनों से उनकी बच्ची लापता है, पर जिला प्रशासन उसके बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहा है।

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