
नई दिल्ली। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय अब आपको परिवार के संबंधों को मजबूत बनाने के गुर भी सिखाएगा। काउंसलिंग एंड फैमिली थेरेपी में एमएससी (सीएफटी) डिग्री प्रोग्राम में दाखिले के लिए आवेदन पत्र मांगे जा रहे हैं। छात्र 30 जून तक आवेदन भेज सकते हैं।
प्रोग्राम को-ओर्डिनेटर प्रो. नीरजा चड्ढा के अनुसार, समाज में छोटे परिवारों के बढ़ते चलन के चलते शादी और परिवार के टूटने की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। पहले जहां संयुक्त परिवारों में बड़े लोग छोटी समस्याओं को दूर करने में पति-पत्नी व बच्चों की मदद करते थे, आज उसकी खामियाजा कहीं न कहीं सोसायटी में देखने को मिल रहा है। इस प्रोग्राम को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य यही है कि काउंसलिंग एंड फैमिली थेरेपी में स्टूडेंट्स को निपुण बनाया जाए। आज काउंसलर्स तो हैं, लेकिन सोसायटी की समस्याओं को सुलझाने के लिए उनमें बारीकियों की कमी है।
इस प्रोग्राम के माध्यम से लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे, क्योंकि समाज में चलन बढ़ रहा है। यदि एक्सपर्ट होंगे तो वे जल्दी समस्याओं का समाधान करेंगे। स्टूडेंट्स को प्रोग्राम के तहत परिवारों व बच्चों के बारे में विस्तार से समझाया जाएगा। दो वर्षीय इस प्रोग्राम के दूसरे सत्र में स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल भी करवाया जाएगा, ताकि किताबी ज्ञान को हकीकत में उतार सकें। इस दौरान उन्हें परिवारों की काउंसलिंग के लिए भेजा जाएगा। इसके अलावा दंपति और परिवारों के संबंधों को मजबूत कैसे बनाया जा सकता है कि विशेष तौर पर पढ़ाई करवाई जाएगी। आज बच्चों की अपनी समस्याएं हैं, उन्हें सुलझाने में भी ये एक्सपर्ट मदद करेंगे।
आवेदन की योग्यता
जिन स्टूडेंट्स ने ह्यूमन डेवलपमेंट एंड फैमिली स्टडीज, चाइल्ड डेवलपमेंट, ह्यूमन डेवलपमेंट एंड चाइल्डहुड स्टडीज, चाइल्ड डेपलपमेंट एंड फैमिली रिलेशनशिप, होम साइंस, साइकोलॉजी, सोशल वर्क, मेडिसिन, फिलोस्फी, एमबीबीएस या सामांतर डिग्री आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी, नर्सिंग आदि में डिग्री कर रखी होगी वे इस प्रोग्राम में एडमिशन के लिए आवेदन भेज सकते हैं। इसके अलावा जिन स्टूडेंट्स ने बैचलर या हायर डिग्री या पीजी डिप्लोमा गाइडेंस एंड काउंसलिंग में किया हो, वे भी आवेदन कर सकते हैं।
