
गौचर। आपदा से केदारघाटी में मरे लोगों के शवों से क्षेत्र में दुर्गंध और बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है। दूषित वातावरण का असर रेस्क्यू में जुटे जवानों पर भी पड़ने लगा है, जिससे वे उल्टी, सांस फूलने जैसे बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सोमवार को आईटीबीपी के तीन जवानों को गौचर हवाई पट्टी राहत कैंप लाया गया, जहां एक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे आईटीबीपी आठवीं वाहनी के अस्पताल में भर्ती किया गया है।
सोमवार को केदारघाटी में दूषित हवा और दुर्गंध से तबियत बिगड़ने के कारण वहां रेस्क्यू आपरेशन में गए आईटीबीपी के तीन जवानों को गौचर हवाई पट्टी स्थित शिविर में लाया गया। ये जवान राहत और बचाव कार्य के लिए 19 जून को क्षेत्र में भेजे गए थे। जवानों का कहना था कि केदारघाटी में दुर्गंध, दूषित हवा और पानी से महामारी बढ़ने का खतरा बना हुआ है, जिससे रेस्क्यू अभियान चलाने और शवों को निकालने में कठिनाई हो रही है। पीड़ित तीन जवानों में एक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे आईटीबीपी आठवीं वाहिनी अस्पताल में भर्ती किया गया है। कहना था कि शवों के सड़ने से वहां दुर्गंध फैल रही है। बताया जा रहा है कि बरसात से यहां का दूषित पानी निचले इलाकों तक आने से नदी तट लगे कस्बों में भी बीमारी फैलने की संभावनाएं बढ़ गई है।
