प्रधानों को दरकिनार करने पर आक्रोश

लोहाघाट। पिछड़ा क्षेत्र विकास निधि (बीआरजीएफ) में ग्राम प्रधानों के प्रस्तावों को दरकिनार किए जाने से जिले के ग्राम प्रधानों में गहरी नाराजगी है। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ आंदोलन छेड़ने का निर्णय लिया है।
ग्राम प्रधान संगठन की जिलाध्यक्ष प्रकाश माहरा की अध्यक्षता में हुई बैठक में ग्राम प्रधानों का कहना था कि बीआरजीएफ में भारत सरकार ने 30 फीसदी राशि क्षेत्र पंचायत, 20 फीसदी जिला पंचायत तथा 50 फीसदी राशि ग्राम पंचायतों को आवंटित को देने का निर्णय लिया था लेकिन जिला प्रशासन ने हाल ही में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जिले के प्रभारी मंत्री से ऐसी कार्ययोजना को अनुमोदित करा लिया है जिसमें ग्राम पंचायतों को वंचित रखा गया है।
प्रांतीय ग्राम प्रधान संगठन के संगठन मंत्री पुष्कर बोहरा ने इसे लोकतंत्र की बुनियाद कहे जाने वाली ग्राम पंचायतों की सरासर अवहेलना बताया। वहीं प्रांतीय उपाध्यक्ष राजू भट्ट ने इसे प्रशासनिक मनमानी करार देते हुए ग्राम पंचायतों को अस्तित्व हीन करने की एक नियोजित साजिश बताया। ब्लाक अध्यक्ष राजू बिष्ट, रमेश पंत, दिनेश गहतोड़ी, मुकेश कलखुड़िया, आन सिंह बोहरा, गोपाल राम, प्रकाश राय, बची सिंह बोहरा, भुवन भट्ट आदि का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा मनरेगा में भी ग्राम पंचायतों के अनुमोदन के बगैर विभागों को धनराशि आवंटित की जा रही है। उन्होंने इस मनमानी के खिलाफ सभी ग्राम प्रधानों से संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।

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