
उत्तरकाशी।सोमवार को जिले में आसमान में बादल तो छाए लेकिन बरसे नहीं। ऐसे में हेलीकाप्टर से रैस्क्यू अभियान चलता रहा। सोमवार को सेना के हेलीकॉप्टरों ने 58 राउंड लगाकर हर्षिल, भटवाड़ी और मनेरी से 1099 यात्रियों को चिन्यालीसौड़ पहुंचाया। जबकि पैदल मार्ग से भी सैकड़ों यात्री गंगोत्री की ओर से उत्तरकाशी पहुंचे। अब हर्षिल तथा उत्तरकाशी की ओर करीब एक हजार तीर्थयात्री फंसे हैं, लेकिन वे पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
पीड़ित तीर्थयात्रियों की मदद को बढ़े हाथ
उत्तरकाशी। यात्रियों को उत्तरकाशी से ऋषिकेश हरिद्वार की ओर रवाना करने के कार्य की कमान संभाल रहे मेजर आरएस जमनाल ने बताया कि परमार्थ निकेतन ऋषिकेश द्वारा बीस तथा वेद प्रचार ट्रस्ट कोलकाता ने आठ बसें उपलब्ध कराईं हैं। इनके साथ ही अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, विश्वनाथ पूर्व सैनिक कल्याण समिति और एसबीएमए ने नौ बसों के लिए ईंधन की व्यवस्था की। इन बसों में तीन दिन के भीतर उत्तरकाशी बस अड्डे से तीन हजार से अधिक यात्रियों को मैदानी इलाकों की ओर रवाना किया गया।
रेडक्रास सोसायटी ने बाढ़ पीड़ित इलाकों में मेडिकल कैंप लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार शुरू कर दिया है। हर्षिल अस्पताल में तैनात डा.कुलवीर राणा तथा सेना के चिकित्सकों ने वहां कैंप लगाकर 500 से अधिक मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया। चिन्यालीसौड़ व पीपलमंडी के व्यापारी तथा विद्या मंदिर के शिक्षक चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर उतर रहे यात्रियों के भोजन आदि की व्यवस्था में जुटे हैं।
