
नाहन (सिरमौर)। जिले के लिए पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि (बीआरजीएफ) योजना से 16.66 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दे दी गई। जिला नियोजन समिति के अध्यक्ष एवं विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल की अध्यक्षता में सोमवार को यहां जिला परिषद हाल में हुई बैठक में चालू वित्त वर्ष की योजना को मंजूरी दी गई। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि 16.66 करोड़ रुपये की इस योजना में से करीब सात करोड़ की राशि ग्राम पंचायतों को आवंटित की जाएगी।
जिला परिषद को 2.84 करोड़ जबकि, पंचायत समितियों को 4.27 करोड़ की राशि आवंटित की जाएगी। नगर परिषद नाहन को 86.49 लाख, नगर परिषद पांवटा को 63.38 लाख तथा नोटीफाइड एरिया कमेटी राजगढ़ को 8.38 लाख की राशि दी जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि गत पांच वर्षों में केंद्र सरकार से पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि के तहत सिरमौर जिले को 72 करोड़ 14 लाख की राशि गृह निर्माण, पेयजल, कृषि, यातायात, सामुदायिक प्रणाली के रखरखाव, महिला तथा बाल विकास, भूमि सुधार और पशुपालन के क्षेत्र में विभिन्न स्कीमों के कार्यान्वयन के लिए प्राप्त हुई है। बैठक के दौरान जिला नियोजन समिति की समीक्षा समिति में चार गैर-सरकारी सदस्यों के मनोनयन पर भी चर्चा हुई।
बुटेल ने कहा कि समीक्षा समिति उन स्कीमों की जांच करे, जिनका कार्य या तो शुरू नहीं हुआ या लंबे समय से रुका पड़ा है। पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि से केंद्र सरकार से मिलने वाली धनराशि का समयबद्ध तरीके से सदुपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उपायुक्त प्रियतु मंडल ने भरोसा दिया कि पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि में जो भी धनराशि प्राप्त होगी उसे विभिन्न विकासात्मक स्कीमों पर समयबद्ध तरीके से खर्च किया जाएगा।
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पांचों विधायकों ने लिया बैठक में भाग
नाहन (सिरमौर)। बैठक में जिला नियोजन समिति के सदस्य के तौर पर मुख्य संसदीय सचिव विनय कुमार के अलावा विधायक नाहन डा. राजीव बिंदल, पांवटा के विधायक किरनेश जंग, शिलाई के बलदेव तोमर व पच्छाद के सुरेश कश्यप ने भी हिस्सा लिया और अपने सुझाव समिति के समक्ष रखे। विधायकों के अलावा बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष दयाल प्यारी, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी मनमोहन शर्मा, एसडीएम नाहन ज्योति राणा, जिला पंचायत अधिकारी एसके अग्रवाल मौजूद रहे।
